नई दिल्ली,। वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली को लेकर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट को हमें बतलाना चाहिए कि हम किन मामलों को लेकर उसके समक्ष आएं और किन मामलों में नहीं आएं। इसके साथ ही सिब्बल ने झारखंड मुद्दे पर केंद्र सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। दरअसल कपिल सिब्बल का कहना था कि भारत के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ होगा, जबकि एक मौजूदा मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को यह हमें बतलाना चाहिए कि हम किन मामलों को लेकर आ सकते हैं और किन्हें लेकर नहीं आ सकते। केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष का कोई भी मुख्यमंत्री रहे। अब वो ऐसा ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ भी कर रहे हैं। उनकी मंशा सिर्फ डबल इंजन की सरकार चलाने की है और इसी के साथ विपक्ष की सरकार न रहे इसका पूरा इंतजाम किया जा रहा है। ऐसे में हेमंत सोरेन के खिलाफ 10 और ताजे मामले दर्ज किए गए हैं। इसका अर्थ यही है कि वो जेल से बाहर ही नहीं आएं। उन्होंने कहा कि ऐसे में यदि सुप्रीम कोर्ट भी हमारी बात नहीं सुनेगा तो हम कहां जाएं? गौरतलब है कि कोर्ट के समक्ष कपिल सिब्बल ही हेमंत सोरेन का पक्ष रख रहे हैं। उनके मामले की सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने अपना दुखड़ा रोया और आरोप भी लगाए हैं।
