*कलेक्टर के मार्गदर्शन में चल रहा है मिशन महिमा कार्यक्रम*
*मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रबंधन पर जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न प्लेटफार्मों के माध्यम से किया जा रहा है जागरूक*
थान्दला से (विवेक व्यास, माधव एक्सप्रेस) झाबुआ 15 अगस्त, 2023। मासिक धर्म और उसके स्वच्छता उत्पादों के बारे में महिलाए रूढ़िवादिता एवं संकुचित सोच के कारण खुल कर बात नहीं कर पाती हैं, लड़कियां स्कूल जाना छोड़ देती हैं, विज्ञापनों में लाल रंग की जगह आसमानी स्याही का इस्तेमाल करते हैं और फार्मासिस्ट और दुकानदार इस्तेमाल किए हुए सैनिटरी नैपकिन को अखबारों और अपारदर्शी बैग में बेचते हैं।
यहां तक कि जब हम 77वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं तब भी हम महिलाएं वर्जनाओं और स्वास्थ्य जोखिमों के बंधनों से मुक्त नहीं हैं। मासिक धर्म को लेकर चुप्पी की प्रथा या तो अभ्यास का मतलब है कि ज्यादातर अधिक महिलाएं मासिक धर्म को एक अप्राकृतिक प्रक्रिया मानती हैं और इसलिए इसे प्रबंधित करने के लिए कई अस्वास्थ्यकर प्रथाओं का सहारा लेती हैं। झाबुआ प्रशासन हमेशा झाबुआ में रहने वाली महिलाओं और किशोरियों के मासिक धर्म स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। वे मानते है की “महिलाएं परिवार की रीढ़ होती हैं और राष्ट्र की आधारशिला होती हैं। वे दुनिया में नए जीवन को लाती हैं। सुधार की ज़रूरत महिला को नही, अपितु सुधार की ज़रूरत उस समाज को है, जो मासिक धर्म होने पर एक पवित्र महिला को अपवित्र नज़रों से देखता है’’ इसीलिए महिला एवं किशोरिओ के एक बेहतर जीवन के लिए सदियों पुरानी बाधाओं और वर्जनाओं को तोड़ते हुए, झाबुआ प्रशासन झाबुआ कलेक्टर की अध्यक्षता में मिशन महिमा जैसी कार्यक्रम की पहल की है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) सेवा मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना। यह कार्यक्रम फ्रंट लाइन कार्यकर्ताओं की क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित करता है ताकि उन्हें मासिक धर्म स्वास्थ्य के बारे में बात करने में सक्षम बनाया जा सके और साथ ही यह मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रबंधन पर जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न प्लेटफार्मों के माध्यम से महिलाओं, किशोर लड़कियों, पुरुषों, लड़कों और पंचायत सदस्यों तक पहुंचता है। यह प्रत्येक हितधारकों की भूमिका निर्धारित करता है क्योंकि मासिक धर्म प्रबंधन सिर्फ महिलाओं का मुद्दा नहीं है। अब तक यह कार्यक्रम 33,350 से अधिक महिलाओं और किशोरियों तक पहुंच चुका है और 1680 फ्रंट लाइन वर्कर्स का मासिक धर्म जैसे विषय पर क्षमता वर्धन किया है।
आजीविका मिशन विभाग मिशन महिमा कार्यक्रम का नोडल विभाग है। जो कलेक्टर के मार्गदर्शन में चल रहा है। यह महिला एवं बाल विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आदिवासी कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग जैसे सभी प्रमुख विभागों के साथ अभिसरण पर काम कर रहा है। यूनिसेफ और अनइनहीबीटेड संस्थाए इस कार्यक्रम के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करते हैं।
झाबुआ कलेक्टर के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम की बैठक में इसकी कार्ययोजना तय की जाती है। इसकी गतिविधियों और निगरानी उद्देश्यों को पूरा करने के लिए एक जिला स्तरीय मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन सेल का गठन किया गया है।
क्रमांक 105/1345/वीणा रावत
