श्रीनगर । अब तक देश में ढाई लाख से अधिक लोग बाबा अमरनाथ के दर्शन कर चुके हैं। श्राइन बोर्ड अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार अमरनाथ यात्रा के 17वें दिन 20,000 से अधिक लोगों ने यात्रा की, जबकि 6,225 यात्रियों का एक और जत्था मंगलवार को जम्मू से घाटी के लिए रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया कि इस साल की अमरनाथ यात्रा एक जुलाई को शुरू होने के बाद से अब तक 2.50 लाख से अधिक तीर्थयात्री यात्रा कर चुके हैं। बता दें कि 6,225 यात्रियों का एक और जत्था एक सुरक्षा काफिले में आज सुबह जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हुआ। अधिकारियों ने कहा कि इनमें से 2,511 उत्तरी कश्मीर बालटाल बेस कैंप जा रहे हैं जबकि 3,714 पहलगाम बेस कैंप जा रहे हैं। इस बीच सोमवार को तीन तीर्थयात्रियों की मौत हो गई, जिससे वर्तमान यात्रा के दौरान मरने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 30 हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को जिन तीन लोगों की मौत हुई, उनमें से एक उत्तर प्रदेश, दूसरा राजस्थान और तीसरा मध्य प्रदेश का था। जहां दो की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई, वहीं तीसरे तीर्थयात्री की मौत के सही कारण का अभी भी पता लगाया जा रहा है।
अमरनाथ यात्रा के लिए यात्री या तो पारंपरिक दक्षिण कश्मीर पहलगाम मार्ग से हिमालय गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं, जिसमें पहलगाम बेस कैंप से 43 किलोमीटर की चढ़ाई होती है या उत्तरी कश्मीर बालटाल बेस कैंप से 13 किलोमीटर की चढ़ाई होती है। पारंपरिक पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में 3-4 दिन लगते हैं, जबकि बालटाल मार्ग का उपयोग करने वाले लोग समुद्र तल से 3,888 मीटर ऊपर स्थित गुफा मंदिर के अंदर दर्शन करने के बाद उसी दिन आधार शिविर में लौट आते हैं। दोनों मार्गों पर यात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध हैं। गुफा मंदिर में एक बर्फ की संरचना है जिसके बारे में भक्तों का मानना है कि यह भगवान शिव की पौराणिक शक्तियों का प्रतीक है।
