तोमर, प्रहलाद और विजयवर्गीय सौंपेंगे आलाकामन का रिपोर्ट, सत्ता-संगठन के चेहरे बदलेंगे !
एजेंसी, नई दिल्ली/भोपाल।
हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में कांग्रेस के हाथों मिली हार के बाद अब अपने मजबूत गढ़ मप्र में भाजपा में गुटबाजी चरम पर पहुंच गई है। पार्टी कई खेमों में बंट गई है। इस कारण मंत्रियों, विधायकों और पदाधिकारियों में वर्चस्व की जंग शुरू हो गई है। इस जंग को खत्म करने की जिम्मेदारी बदलाव में तोमर, प्रहलाद पटेल और
विजयवर्गीय को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। मप्र भाजपा में यह वर्चस्व की यह जंग अप्रैल 2020 से ही शुरू हो गई थी। किया है। कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली हार के बाद मप्र में अंदर खाने टकराव तेज हो गया है। बयानबाजी का दौर भी जारी है और कई नेता तो सत्ता और संगठन को धमकाने भी लगे हैं। यही कारण तेवर में तल्खी आ गई है। कई नेताओं के गए हैं।
ऐसे बयान आए हैं जिसने सरकार और संगठन दोनों की मुसीबत बढ़ाने का काम
पूरे प्रदेश में असंतोष के सुरः पूरे सूबे में कई जगह असंतोष के सुर भाजपा में उठ रहे हैं। इन्हें भी साधने की रणनीति तय हुई। ग्वालियर-चंबल और मालवा अंचल में सिंधिया खेमे और भाजपा के मूल कैडर में
आलाकमान ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर है कि केंद्रीय नेतृत्व अब राज्य में दखल मतभेद हैं विंध्य और बुंदेलखंड में भी सीएम- अध्यक्ष के कंट्रोल में नहीं बाद वर्चस्व की जंग का सियासी बवंडर सकता है। ऐसे में प्रदेश की राजनीति के तीन प्रहलाद पटेल और पार्टी महासचिव कैलाश बढ़ाने की दिशा में बढ़ गया है। राज्य में भाजपा मूल कैडर के नेता टिकट की स्थितिः भाजपा सूत्रों का कहना है कि अभी थामने के प्रयास तेज हो गए हैं। बुधवार की बड़े दिग्गज नेताओं की जुगलबंदी ने प्रदेश विजयवर्गीय को सौंपी है ये नेता अपने लगभग एक माह की स्थिति पर गौर किया आशंका में अंतर्विरोध जताने लगे हैं। सभी तक संघ और संगठन ने पार्टी में वर्चस्व की सुबह पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी के सियासी पारे को गरमा दिया है। ये नेता हैं माध्यमों से पार्टी को वास्तविक स्थिति की जाए तो भाजपा के कई नेता ही पार्टी को जगह के फीडबैक लेकर आगे काम होगा। जंग को जैसे-तैसे दबाए रखा था लेकिन शर्मा सीएम से मिलने पहुंचे सीएम की नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल और कैलाश रिपोर्ट बनाकर आलाकमान को देंगे। सूत्रों आंख दिखाते नजर आ रहे हैं। पूर्व उधर, भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री अब चुनावी साल में स्थिति कंट्रोल से बाहर समझाइश के बाद नाराज नेताओं ने टकराव विजयवर्गीय गौरतलब है की अभी तक के का कहना है कि उसके बाद आलाकमान मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे और पूर्व शिवप्रकाश गुरुवार को दिल्ली से भोपाल हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इनकार किया। फिर सियासी गर्मी दिल्ली तमाम सर्वे में मप्र सरकार के खिलाफ सत्ता और संगठन में बड़ा बदलाव कर मंत्री दीपक जोशी के भाजपा छोड़कर आ रहे हैं। हालांकि, मंत्री गोपाल भार्गव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के बीच बढ़ी तक पहुंची, तो रात को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र जबरदस्त एंटी-इनकंबेंसी है। ऐसे में सत्ता सकता है। संभावना जताई जा रही हैं कि कांग्रेस में जाने के बाद से तो कई नेताओं के समेत अन्य विधायक और नेता सागर लौट रार से स्थिति और खराब हो गई है। हालांकि सिंह तोमर स्पेशल विमान से पहुंचे। पार्टी और संगठन में नेतृत्व परिवर्तन के कवास
