आज राजपुर मंडल में 65 मतदान केंद्रों पर मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया
अशोक नगर ब्रेकिंग:- (शंकर सिंह राजपूत)
मंडल राजपुर के कार्यकर्ताओं ने प्रत्येक बूथ पर पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया राजपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष जगदीश यादव ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया एवं सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते कहा कि पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी मूलता पश्चिम बंगाल के निवासी एवं शिक्षा दीक्षा बंगाल में हुई के इसके बाद राजनीतिक जीवन में केंद्र केबिनेट मंत्री बने राजनीतिक जीवन में जब उन्होंने देखा कि कांग्रेस सरकार किस तरह देश को बांटने का काम कर रही है कश्मीर मुददे को लेकर उन्होंने कहा कि एक देश में दो विधान दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे तब कांग्रेस पार्टी ने उनकी बात नहीं मानी तो उन्होंने केंद्रीय कैबिनेट मंत्री से इस्तीफा दे दिया इसके बाद उन्होंने अपने जीवन को देश सेवा में समर्पित करते हुएअपने समर्थकों के साथ ट्रेन द्वारा पंजाब के बाबा बॉर्डर से कश्मीर पहुंचे जहां कश्मीर में कोई भी व्यक्ति बगैर परमिशन के नहीं पहुंच सकता था डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी पहुंचे और वहां जाकर संघर्ष करते हुए अपनी बात को रखते समय जम्मू कश्मीर की तत्कालीन सरकार ने गिरफ्तार किया कुछ दिन उनको एक घर में रखा गया था इसके बाद कांग्रेस सरकार के इशारे पर जम्मू कश्मीर में प्रत्येक दिन एक जहरीला इंजेक्शन दिया जाता था जो धीरे-धीरे करके उनकी हत्या कर दी गई उनकी हत्या एक रहस्य बनी हुई है आज भारतीय जनता पार्टी की नरेंद्र मोदी की सरकार डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को साकार करते हुए जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हटाते हुए कश्मीरी लोगों को स्वतंत्र जीने का अधिकार मिला है इसी सपने को साकार करते हुए हम सभी कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता की पहचान यही है हम राजनीतिक उद्देश्य से कार्य नहीं करते भारतीय जनता पार्टी का उद्देश्य है हम सब भारत माता के सपूत है जो देश के लिए हम अपनी जान निछावर करने के लिए तत्पर रहते हैं ऐसे हमारे पूर्व में श्यामा प्रसाद मुखर्जी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी जैसे कार्यकर्ताओं ने अपनों प्राणों को निछावर किया है उन महापुरुष के विचारक सिद्धांतों को लेकर आज भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता देश और समाज की सेवा के लिए काम कर रहे हैं आज हमारी पार्टी के महापुरुष डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए प्रत्येक 65 बूथ पर 11पौधा लगाएं एवं पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उनको याद किया गया


