महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर दर्शन व्यवस्था में बदलाव अब ज्यादा समय नहीं लगेगा दर्शन में जाने व्यवस्था क्या है

महाकाल मंदिर दर्शन व्यवस्था -ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि पर सिंहस्थ महापर्व जैसे इंतजाम होंगे। भक्तों को चार गेट से 12 कतारों के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा। निर्गम के लिए तीन द्वार रहेंगे। इंदौर व बड़नगर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचने की जानकारी देने के लिए तीन किलोमीटर दूर से साइनेज लगाए जा रहे हैं। महाशिवरात्रि पर भक्त बाबा महाकाल के दर्शन सुबह चार बजे से ही कर सकेंगे। इतना ही नहीं भस्म आरती के दौरान भी भक्तों को बाबा महाकाल के दर्शन करने मिलेंगे। भस्मारती में भक्तों को कार्तिकेय मंडपम से प्रवेश मिलेगा। भक्त आरती के दौरान यहां चलित दर्शन कर सकेंगे।
मंदिर प्रशासन का दावा है कि बेहतर इंतजामों से भक्तों को महापर्व पर 50 मिनट में भगवान महाकाल के दर्शन होंगे। दर्शन व्यवस्था की रिहर्सल भी की जाएगी। मंदिर प्रशासक संदीप कुमार सोनी ने बताया कि इस बार भीड़ नियंत्रण के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। इंदौर, देवास, बड़नगर आदि क्षेत्रों से आने वाले वाहनों के लिए शहर से दूर 14 पार्किंग सब स्टेशन बनाए जा रहे हैं। यहां बसों व चौपहियां वाहनों को पार्क कराया जा
मंदिर तक पहुंचने के लिए चलेंगी नि:शुल्क बसें
पार्किंग से महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए 100 नि:शुल्क बसें चलाई जाएंगी। इनमें श्रद्धालु कर्क राज पार्किंग तक पहुंचेंगे। यहां जूता स्टैंड का इंतजाम रहेगा। यहां जूते-चप्पल उतारने के बाद श्रद्धालु दर्शन की कतार में लगेंगे। चार धाम, त्रिवेणी संग्रहालय, महाकाल लोक होते हुए दर्शनार्थी मानसरोवर गेट से मंदिर में प्रवेश करेंगे। यह संपूर्ण मार्ग करीब तीन किलोमीटर का रहेगा। इसमें तीन कतार में लगाए गए बैरिकेड्स से श्रद्धालुओं को मानसरोवर गेट तक लाया जाएगा। पूरे मार्ग पर छांव के लिए शामियाने लगाए गए हैं। इसके बाद कारपेट बिछाया जाएगा। इससे भक्तों को पैदल चलने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी।छह नंबर गेट से अलग-अलग कतार
मानसरोवर गेट से मंदिर में प्रवेश करने के बाद भक्त महाकाल टनल से होते हुए छह नंबर गेट से परिसर में आएंगे, यहां से अलग-अलग कतार में भक्तों को कार्तिकेय व गणेश मंडपम से भगवान महाकाल के दर्शन कराए जाएंगे। इसके लिए कार्तिकेय मंडपम में वर्तमान प्रवेश द्वार के अलावा दो और द्वार का निर्माण कराया गया है। इस व्यवस्था से अकेले कार्तिकेय मंडपम के तीन गेट से नौ कतारों के जरिए भक्तों को प्रवेश दिया जाएगा। नंदी हॉल के रेंप से भी तीन कतारें चलाई जाएगी। इस प्रकार चार गेट से 12 कतारों में भक्त भीतर प्रवेश करेंगे।
पार्किंग से महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए 100 नि:शुल्क बसें चलाई जाएंगी। इनमें श्रद्धालु कर्क राज पार्किंग तक पहुंचेंगे। यहां जूता स्टैंड का इंतजाम रहेगा। यहां जूते-चप्पल उतारने के बाद श्रद्धालु दर्शन की कतार में लगेंगे। चार धाम, त्रिवेणी संग्रहालय, महाकाल लोक होते हुए दर्शनार्थी मानसरोवर गेट से मंदिर में प्रवेश करेंगे। यह संपूर्ण मार्ग करीब तीन किलोमीटर का रहेगा। इसमें तीन कतार में लगाए गए बैरिकेड्स से श्रद्धालुओं को मानसरोवर गेट तक लाया जाएगा। पूरे मार्ग पर छांव के लिए शामियाने लगाए गए हैं। इसके बाद कारपेट बिछाया जाएगा। इससे भक्तों को पैदल चलने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी।छह नंबर गेट से अलग-अलग कतार
मानसरोवर गेट से मंदिर में प्रवेश करने के बाद भक्त महाकाल टनल से होते हुए छह नंबर गेट से परिसर में आएंगे, यहां से अलग-अलग कतार में भक्तों को कार्तिकेय व गणेश मंडपम से भगवान महाकाल के दर्शन कराए जाएंगे। इसके लिए कार्तिकेय मंडपम में वर्तमान प्रवेश द्वार के अलावा दो और द्वार का निर्माण कराया गया है। इस व्यवस्था से अकेले कार्तिकेय मंडपम के तीन गेट से नौ कतारों के जरिए भक्तों को प्रवेश दिया जाएगा। नंदी हॉल के रेंप से भी तीन कतारें चलाई जाएगी। इस प्रकार चार गेट से 12 कतारों में भक्त भीतर प्रवेश करेंगे।
चार स्थानों पर प्रस्तुति देंगे कलाकार
महाकाल दर्शन करने आने वाले भक्तों में ऊर्जा का संचार होता रहे, इसके लिए चार मंगल वाद्य व भजनों की प्रस्तुति देने के लिए कलाकारों को आमंत्रित किया गया। प्रशासक के अनुसार चार धाम, त्रिवेणी संग्रहालय, महाकाल लोक व कर्कराज क्षेत्र में चार मंच लगाए जाएंगे, यहां कलाकार प्रस्तुति देंगे। उज्जैन के भस्म रमैया भक्त मंडल को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है। मंडल के करीब 25 कलाकार झांझ डमरू की मंगल ध्वनी से वातावरण को शिवमय कर देंगे।अलग-अलग रंग के जूता स्टैंड, टोकन भी उसी रंग का
इस बार महाशिवरात्रि पर जूता स्टैंड की व्यवस्था में नवाचार किया जा रहा है। प्रशासक के अनुसार चार अलग-अलग क्षेत्रों में बना जा रहे जूता स्टैंड का रंग अलग रहेगा। जिस रंग का जूता स्टैंड होगा, श्रद्धालुओं को उसी रंग का टोकन दिया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि मंदिर से बाहर आने के बाद श्रद्धालुओं को जूता स्टैंड तलाशने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
महाकाल दर्शन करने आने वाले भक्तों में ऊर्जा का संचार होता रहे, इसके लिए चार मंगल वाद्य व भजनों की प्रस्तुति देने के लिए कलाकारों को आमंत्रित किया गया। प्रशासक के अनुसार चार धाम, त्रिवेणी संग्रहालय, महाकाल लोक व कर्कराज क्षेत्र में चार मंच लगाए जाएंगे, यहां कलाकार प्रस्तुति देंगे। उज्जैन के भस्म रमैया भक्त मंडल को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है। मंडल के करीब 25 कलाकार झांझ डमरू की मंगल ध्वनी से वातावरण को शिवमय कर देंगे।अलग-अलग रंग के जूता स्टैंड, टोकन भी उसी रंग का
इस बार महाशिवरात्रि पर जूता स्टैंड की व्यवस्था में नवाचार किया जा रहा है। प्रशासक के अनुसार चार अलग-अलग क्षेत्रों में बना जा रहे जूता स्टैंड का रंग अलग रहेगा। जिस रंग का जूता स्टैंड होगा, श्रद्धालुओं को उसी रंग का टोकन दिया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि मंदिर से बाहर आने के बाद श्रद्धालुओं को जूता स्टैंड तलाशने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
लड्डू प्रसादी के लिए लगेंगे विशेष काउंटर
महाशिवरात्रि पर आने वाले दर्शनार्थी अपने साथ बाबा महाकाल का प्रसाद लेकर जा सके, इसके लिए भी मंदिर प्रशासन की तरफ से विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रसादी के लिए पार्किंग के आस-पास काउंटर लगाए जाएंगे, ताकि लोग प्रसाद खरीद सकें। प्रसाद के खत्म होते ही यहां दोबारा प्रसाद के पैकेज भेजने की व्यवस्था भी की गई है।पानी की चार लाख बोतल का इंतजाम
महाशिवरात्रि पर भक्तों को बोतल बंद पानी पिलाया जाएगा। मंदिर समिति 200 एमएल की चार लाख पानी की बोतल खरीद रही है। दर्शन की कतार में लगे भक्तों को पेयजल वितरण के लिए सामाजिक कार्यकर्ता व कर्मचारियों की डयूटी लगाई जाएगी।
महाशिवरात्रि पर आने वाले दर्शनार्थी अपने साथ बाबा महाकाल का प्रसाद लेकर जा सके, इसके लिए भी मंदिर प्रशासन की तरफ से विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रसादी के लिए पार्किंग के आस-पास काउंटर लगाए जाएंगे, ताकि लोग प्रसाद खरीद सकें। प्रसाद के खत्म होते ही यहां दोबारा प्रसाद के पैकेज भेजने की व्यवस्था भी की गई है।पानी की चार लाख बोतल का इंतजाम
महाशिवरात्रि पर भक्तों को बोतल बंद पानी पिलाया जाएगा। मंदिर समिति 200 एमएल की चार लाख पानी की बोतल खरीद रही है। दर्शन की कतार में लगे भक्तों को पेयजल वितरण के लिए सामाजिक कार्यकर्ता व कर्मचारियों की डयूटी लगाई जाएगी।
आठ किलोमीटर की रहेगी बैरिकेडिंग
महाशिवरात्रि पर कर्कराज पार्किंग से चारधाम, त्रिवेणी, महाकाल महालोक में तीन लेयर बैरिकेड में करीब आठ किलोमीटर क्षेत्र में लगवाने बैरिकेडस लगाए गए हैं। इनमें करीब साढ़े तीन किलोमीटर की लंबाई के बैरिकेडस मंदिर समिति ने स्वयं बनवाए हैं। जिन स्थानों पर बैरिकेडस लग चुके हैं, वहां मार्ग को धोकर साफ कर अब कारपेट बिछाने का काम शुरू होगा।जीरो वेस्ट के सिद्धांत पर होगा आयोजन
महाशिवरात्रि दीपोत्सव को शिव ज्योति अर्पणम 2023 का नाम दिया गया है। पर्व पर 21 लाख दीप प्रज्जवलित कर गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड बनाया जाएगा। इससे पहले उज्जैन में वर्ष 2022 में महाशिवरात्रि पर 11 लाख 71 हजार 78 दीये प्रज्जवलित करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था।
महाशिवरात्रि पर कर्कराज पार्किंग से चारधाम, त्रिवेणी, महाकाल महालोक में तीन लेयर बैरिकेड में करीब आठ किलोमीटर क्षेत्र में लगवाने बैरिकेडस लगाए गए हैं। इनमें करीब साढ़े तीन किलोमीटर की लंबाई के बैरिकेडस मंदिर समिति ने स्वयं बनवाए हैं। जिन स्थानों पर बैरिकेडस लग चुके हैं, वहां मार्ग को धोकर साफ कर अब कारपेट बिछाने का काम शुरू होगा।जीरो वेस्ट के सिद्धांत पर होगा आयोजन
महाशिवरात्रि दीपोत्सव को शिव ज्योति अर्पणम 2023 का नाम दिया गया है। पर्व पर 21 लाख दीप प्रज्जवलित कर गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड बनाया जाएगा। इससे पहले उज्जैन में वर्ष 2022 में महाशिवरात्रि पर 11 लाख 71 हजार 78 दीये प्रज्जवलित करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था।
