उज्जैन।विनोद मिल की जमीन पर सन 1947 के पहले से बने मकानों को तोड़कर अतिक्रमण हटवाने के लिये एडीएम संतोष टेगौर, एएसपी सहित अन्य अधिकारी 150 पुलिस व क्यूआरएफ का फोर्स लेकर सुबह यहां पहुंचे। रहवासियों को समझाईश दी, जरूरतमंदों को प्रायवेट कालोनियों में मकान का आश्वासन दिया तो लोग आपसी सहमती से मकान खाली करने को तैयार हो गये।
चार माह से विरोध, आंदोलन के बाद पीछे हटे…
उच्च न्यायालय इंदौर के निर्देश पर प्रशासन द्वारा विनोद मिल की भूमि पर से अतिक्रमण हटाने के निर्देश5 अगस्त 2022 को दिये गये थे। इस क्रम में प्रशासन द्वारा यहां के रहवासियों को नोटिस देकर मकान खाली करने को कहा गया जिसका विरोध हुआ। कुल 160 मकानों को हटाना था।
. रहवासियों ने आंदोलन शुरू किया, नेताओं के घर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन और आंदोलन किया। यहां तक कि मुख्यमंत्री से गुहार लगाई। कोर्ट से स्टे भी लाये लेकिन सारे प्रयास विफल रहे। नतीजतन सुबह लोगों को पुलिस प्रशासन के सामने अपने मकानों को खाली करना पड़ा।
तरफ से कार्रवाई की तैयारी
नगर निगम की जेसीबी, डम्पर, फोकलेन मशीनों के साथ सुबह प्रशासन, नगर निगम और पुलिस अफसरों की टीम विनोद मिल की चाल पहुंची।
पुलिस और क्यूआरएफ के फोर्स ने विनोद मिल की ओर आने व जाने वाले मार्गों को बेरिकेड्स लगाकर बंद कर यहां जवानों को तैनात कर दिया।
इसके बाद पुलिस अफसरों और क्यूआरएफ के फोर्स की टीम दो हिस्सों में बंट गई। विनोद मिल के नए रोड पर एडीएम, एएसपी, सीएसपी ने तोडफोड की कार्रवाई शुरू कराई। दूसरी टीम को होल्ड पर रखा गया क्योंकि वहां के लोग घरों से सामान निकाल रहे थे।
