जिलाधीश के आदेश की अवहेलना
जिलाधीश ने मांगा मंदिर प्रशासक से स्पष्टीकरण
उज्जैन,,,(अभिजीत दुबे माधव एक्सप्रेस),7869502043″” / कुछ दिन पूर्व भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या का शहर में आगमन हुआ था नगर आगमन पर वह महाकाल दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे जहां पर युवा मोर्चा के पदाधिकारी कार्यकर्ता भी पहुंच गए जिसको लेकर महाकाल मंदिर की दर्शन व्यवस्था गड़बड़ा गई छंग भंग हो गई एवं स्थिति भगदड़ जैसी हो गई जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ इसको लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष का नगर आगमन विवादों में इतना घिर गया कि इसकी खबर जब शीर्ष नेतृत्व को लगी तो बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पवार को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जिसके चलते युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष वैभव पवार ने कड़ा फैसला लेते युवा मोर्चा के 18, पदाधिकारियों को प्रदेश कार्यालय तलब किया एवं उन्हें अनुशासनहीनता के दायरे में लेते हुए शहर अध्यक्ष अमय शर्मा ,ग्रामीण जिला अध्यक्ष नरेश सिंह जलवा सहित,18 पदाधिकारियों को पद मुक्त कर दिया ऐसा नहीं कि महाकाल मंदिर में इसके पहले कोई राष्ट्रीय स्तर का नेता नहीं आया आए दिन महाकाल मंदिर में वीआईपी आते रहते हैं जिसको लेकर कलेक्टर सहित मंदिर प्रशासन व्यवस्था करता है जिसको लेकर सभी पॉइंट की निर्धारित पात्रता गर्भ ग्रह नंदीहाल में प्रवेश की अनुमति जिला सत्कार अधिकारी एवं सहायक सत्कार अधिकारी अधिकृत होते हैं फिर इस बार ऐसा क्या हुआ की व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई कहीं
इसमें प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ की तो लापरवाही नहीं?
क्योंकि जब कोई बड़े स्तर का नेता कोई भी शासकीय अतिथि आता है तो जिला कलेक्टर के ईमेल पर प्राप्त होकर पॉइंट डलता प्रोटोकॉल व्यवस्था की जवाबदारी कलेक्टर सहित मंदिर प्रशासन , की होती है?
*इस बारे में जब महाकाल मंदिर प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ से माधव एक्सप्रेस के रिपोर्टर अभिजीत दुबे ने हुए घटनाक्रम की जानकारी लेना चाहि ।तो उन्होंने अलग ही जानकारी दी उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित सिर्फ 3 लोगो की गर्भ ग्रह की जानकारी .अनुमति थी बाकी के पदाधिकारी कार्यकर्ता बैरिकेट्ड में रहेंगे/
दूसरी तरफ निर्वतमान पदाधिकारी अमय शर्मा यह भी कह रहे हैं कि हमने मंदिर प्रशासन , को राष्ट्रीय अध्यक्ष के आने की जानकारी देकर दी थी जिसके तहत हमें अनुमति प्राप्त थी अगर प्रशासक माकूल व्यवस्था करते तो हंगामे की नौबत ही ना आती , इसके बाद भी मंदिर प्रशासन प्रशासक ने जवाबदारी से व्यवस्था नहीं की
अब देखना यह है की अगली गाज किस पर गिरेगी
खैर खबर जो भी हो उज्जैन की जनता और सब यही चाहते हैं कि महाकाल मंदिर की गरिमा को ठेस ना पहुंचे यहां पर आने वाले श्रद्धालु को सुगमता से दर्शन व्यवस्था हो बाहर से आने वाले श्रद्धालु अच्छा संदेश लेकर जाएं उज्जैन के साथ महाकाल मंदिर की भी तारीफ करें इस और शासन प्रशासन कलेक्टर महोदय को ध्यान देकर व्यवस्था में सुधार करवाना चाहिए ताकि आगे से किसी प्रकार की कोई व्यवस्था भंग ना हो
