कभी पूछा करती थी ये सवाल कि पापा महिलाएं फाइटर पायलट क्यों नहीं, आज पिता के साथ फाइटर प्लेन उड़ाकर रचा इतिहास, समान फॉर्मेशन में उड़ाए हॉक-132 विमान
नई दिल्ली पिता-पुत्री की जोड़ी ने हाल ही में एक ही फाइटर फॉर्मेशन के हिस्से के रूप में उड़ान भरकर वायुसेना में इतिहास रच दिया. एयर कमोडोर संजय शर्मा, जो भारतीय वायु सेना में एक अनुभवी फाइटर पायलट हैं और उनकी बेटी अनन्या शर्मा, जिन्हें दिसंबर 2021 में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन किया गया था, उन्होंने 30 मई 2022 को वायु सेना स्टेशन, बीदर में हॉक-132 एडवांस्ड जेट ट्रेनर्स (एजेटी) के समान फॉर्मेशन में उड़ान भरी.
इंडियन एयर फोर्स ने मंगलवार को कहा कि पिता-बेटी की जोड़ी ने 30 मई 2022 को इतिहास रच दिया. एयरफोर्स स्टेशन बीदर में हॉक-132 ऐस के समान फॉर्मेशन में उड़ान भरी, जहां फ्लाइंग ऑफिसर अनन्या शर्मा के तेज और अधिक बेहतर लड़ाकू विमानों पर स्नातक होने से पहले प्रशिक्षण ले रही हैं. इसमें आगे कहा गया है कि आईएएफ में ऐसा कोई पिछला उदाहरण नहीं है, जहां एक पिता और उसकी बेटी एक मिशन के लिए एक ही गठन का हिस्सा थे,
