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भोपाल, 02 नवम्बर । मध्य प्रदेश में अर्नब तूफान के असर से दिन के तापमान में तेजी से गिरावट आई है। महज चार दिनों में अधिकतम तापमान 7 से 8 डिग्री तक लुढ़क गया है। रात के पारे में भी गिरावट दर्ज होने लगी है। इसी बीच नए तूफान ‘मुरासु’ के प्रभाव से प्रदेश में 5 नवंबर तक आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। आज सोमवार को जबलपुर सहित 15 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार को जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, कटनी, उमरिया, अनूपपुर, शहडोल, मैहर, सीधी और सिंगरौली में तेज आंधी चलने के साथ बारिश हो सकती है। इससे पहले रविवार को भी प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदला रहा। सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, मैहर और पांढुर्णा में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हुई।
नए तूफान मुरासु का प्रभाव जबलपुर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम और इंदौर संभाग के जिलों में देखने को मिल सकता है। वहीं भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में बादल छाए रहने का अनुमान है। इन इलाकों में भी कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
पिछले 48 घंटों में प्रदेश के कई संभागों में अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। चंबल, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में दिन का तापमान 5.3 से 7.7 डिग्री तक नीचे आया। भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर संभाग में पारा 4.9 डिग्री तक गिरा। रात के तापमान में भी 1 से 2 डिग्री की कमी आई है। रविवार रात दमोह में न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री, अमरकंटक में 15.1 डिग्री, भोपाल में 15.2 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 15.4 डिग्री और बालाघाट के मलाजखंड में 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में ठंड का असर और तेज हो सकता है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के सीधे पहुंचने से तापमान में गिरावट आने की संभावना है। ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर के दौरान न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं उज्जैन में 53 साल पहले नवंबर में न्यूनतम पारा 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
भोपाल, इंदौर और जबलपुर में नवंबर के दौरान बारिश का ट्रेंड रहा है। इस बार महीने की शुरुआत में ही बारिश का अलर्ट जारी हो गया है। नवंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में भी मौसम प्रणालियां सक्रिय होने से बारिश हो सकती है।
