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मुंबई , अरुणाभ कुमार ने अपने सफर को याद करते हुए बताया कि TVF की शुरुआत से पहले उन्होंने फिल्ममेकर बनने के लिए छह साल तक कड़ा संघर्ष किया था। दो दशक बाद उनकी पहली थिएट्रिकल फिल्म ‘Vvaan’ मास बेल्ट में दर्शकों का दिल जीत रही है और दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये के आंकड़े के करीब पहुंच रही है।_TVF के संस्थापक अरुणाभ कुमार ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने 20 साल के संघर्ष को याद किया और अपनी सिनेमाई कल्पना को हकीकत में बदलने में योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।बहुत कम लोग अरुणाभ कुमार के उस सफर के बारे में जानते हैं, जो उन्होंने 2012 में TVF की शुरुआत करने से पहले तय किया था। वह 2006 में मुंबई आए थे और फिल्ममेकर बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए छह साल से भी ज्यादा समय तक संघर्ष करते रहे। हालांकि, लगातार मिल रही असफलताओं के बाद उन्हें कुछ समय के लिए अपने इस सपने को छोड़ना पड़ा। अपने पुराने इंटरव्यूज में उन्होंने बताया था कि उन्हें न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री, बल्कि एडवरटाइजिंग और टेलीविजन के क्षेत्र में भी कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा, जहां वह बतौर स्टोरीटेलर अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे थे। साल 2012 तक हालात इतने मुश्किल हो गए थे कि उन्हें यह भी नहीं पता था कि अगला खाना कहां से आएगा। ऐसे में उन्होंने अपना रास्ता बदलते हुए TVF की शुरुआत की।करीब 20 साल के संघर्ष के बाद आखिरकार अरुणाभ कुमार का फिल्म बनाने का सपना बड़े पर्दे पर साकार हुआ है। TVF के चर्चित शोज की तरह ही उनकी पहली थिएट्रिकल फिल्म ‘Vvaan’ ने भी दर्शकों के बीच अपनी खास जगह बनाई है। खासतौर पर मास बेल्ट में फिल्म को शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है और यह दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये के ग्रॉस कलेक्शन के करीब पहुंच रही है।सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए अरुणाभ ने एक खास नोट लिखा। उन्होंने कहा, “व्यक्तिगत विचार और पेशेवर आभार 🙏… हमारी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर प्रतीकात्मक रूप से 100 करोड़ ग्रॉस के आंकड़े तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। ऐसे में मैं छठी मैया से प्रार्थना करना चाहता हूं कि वह मुझे आशीर्वाद दें और मां वन देवी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने इस सफर को पूरा करने में मेरा साथ दिया। मैं फिल्म की शुरुआत से लेकर इसके निर्माण में शामिल हर एक व्यक्ति का दिल से आभार व्यक्त करता हूं। (P.S.- 2006 में हीरानंदानी के CCD में बैठकर लैपटॉप पर अपनी पहली फिल्म लिखने की कोशिश कर रहा तस्वीर में दिख रहा वह लड़का, तभी से इस सपने को देख रहा था। जल्द ही कुछ और पोस्ट साझा करूंगा।)”https://www.instagram.com/p/DfK2LVuCGqD/?cplk=MTBqYjIxcmE1MHAycg==अरुणाभ ने खास तौर पर निर्माता एकता कपूर का भी आभार जताया, जिन्होंने उन्हें फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा आ गया था जब उन्होंने फिल्म बनाने का विचार लगभग छोड़ ही दिया था, लेकिन एकता के भरोसे, मार्गदर्शन और सहयोग ने उन्हें ‘Vvaan’ बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने निर्देशक और लंबे समय से सहयोगी रहे दीपक मिश्रा का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उनकी महत्वाकांक्षी कहानी को पर्दे पर जीवंत किया। उन्होंने फिल्म की पूरी कास्ट और क्रू के प्रति भी आभार व्यक्त किया।बड़े पर्दे पर मिली इस सफलता को देखते हुए TVF के अब तक के सफर को याद करना भी जरूरी है। TVF ने पिछले कई वर्षों में भारतीय मनोरंजन जगत को ऐसी कहानियां और शोज दिए हैं, जिन्होंने दर्शकों और पॉप कल्चर पर गहरी छाप छोड़ी है। डिजिटल स्पेस में अपनी मजबूत पहचान बनाने के बाद ‘Vvaan’ के जरिए थिएट्रिकल सिनेमा की दुनिया में कदम रखना इस बात का प्रमाण है कि जब किसी क्रिएटिव प्लेटफॉर्म की नींव मेहनत, लगन और जुनून पर रखी जाती है, तो उसकी कहानियां दर्शकों तक अपना रास्ता खुद बना लेती हैं।
