बोल नहीं सकती तो क्या हुआ, लिखकर भी रख सकती हैं अपना पक्ष; छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी
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इंदौर, 02 नवम्बर 2026। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के मार्गदर्शन एवं होम स्टे ओनर्स वेलफेयर सोसाइटी, मध्य प्रदेश के सहयोग से इंदौर स्थित होटल अमर विलास में आयोजित संभाग स्तरीय होम स्टे, फार्म स्टे, ग्राम स्टे एवं बेड एंड ब्रेकफास्ट पंजीयन शिविर एवं कार्यशाला सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। कार्यशाला में इंदौर संभाग के अंतर्गत आने वाले इंदौर, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ, खंडवा एवं खरगोन सहित विभिन्न जिलों और प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में संपत्ति मालिकों, होम स्टे संचालकों एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े नागरिकों ने सहभागिता की।
कार्यशाला का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की होम स्टे योजना 2010 (संशोधित 2026), फार्म स्टे योजना एवं बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना से जोड़ना तथा उन्हें पर्यटन आधारित उद्यमिता के अवसरों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को पंजीयन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, संचालन संबंधी प्रावधानों एवं उपलब्ध शासकीय प्रोत्साहनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर डॉ. डी.पी. सिंह, डायरेक्टर स्किल एंड ट्रेनिंग, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड, भोपाल ने कहा, “मध्य प्रदेश में पर्यटन के नए आयाम विकसित करने के लिए होम स्टे, फार्म स्टे एवं बेड एंड ब्रेकफास्ट जैसी योजनाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये पहल न केवल पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन शैली से जोड़ती हैं, बल्कि स्थानीय नागरिकों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित करती हैं। पर्यटन के विकेन्द्रीकृत विकास में इन योजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।”
होम स्टे ओनर्स वेलफेयर सोसाइटी, मध्य प्रदेश के अध्यक्ष शरद दीक्षित ने कहा, “मध्य प्रदेश में होम स्टे, फार्म स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट योजनाएँ ग्रामीण एवं स्थानीय पर्यटन को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही हैं। हमारा उद्देश्य अधिक से अधिक संपत्ति मालिकों को पर्यटन की मुख्यधारा से जोड़ना था, ताकि वे अपनी उपलब्ध परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। इंदौर में आयोजित इस कार्यशाला में इच्छुक नागरिकों को पंजीयन, संचालन और उपलब्ध सरकारी योजनाओं की संपूर्ण जानकारी प्रदान की गई तथा आत्मनिर्भर पर्यटन उद्यमिता को बढ़ावा देने का सार्थक प्रयास किया गया।”
मध्य प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं। यदि स्थानीय नागरिक अपनी आवासीय परिसंपत्तियों को योजनाबद्ध तरीके से पर्यटन से जोड़ें, तो यह न केवल उनकी आय में वृद्धि करेगा बल्कि प्रदेश के ग्रामीण, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन को भी नई पहचान देगा। होम स्टे मॉडल पर्यटकों को स्थानीय जीवनशैली से जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है और यही आत्मनिर्भर पर्यटन अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव बनेगा।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को कार्यक्रम में शुभम तिवारी, सचिव, होम स्टे ओनर्स वेलफेयर सोसाइटी, मध्य प्रदेश और बोर्ड के प्रतिनिधियों ने पंजीयन प्रक्रिया, निरीक्षण व्यवस्था, उपलब्ध प्रोत्साहन एवं सब्सिडी, परियोजनाओं के लाभ, अतिथि पंजीयन तथा संचालन संबंधी आवश्यक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही इच्छुक आवेदकों को मौके पर ही पंजीयन प्रपत्र भरने एवं आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
