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उज्जैन:स्थानीय नानाखेड़ा स्टेडियम में खेलकूद प्रतियोगिताओं के समापन के बाद स्टेडियम परिसर और दौड़ने वाले ट्रैक के आसपास फैलने वाली गंदगी को लेकर आम नागरिकों और खेल प्रेमियों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। शहर के जागरूक नागरिक प्रफुल्ल शुक्ला ने इस संबंध में चिंता व्यक्त करते हुए खेल आयोजनों के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के लिए सख्त व्यवस्था किए जाने की मांग की है।ट्रैक के आसपास पसरा रहता है कचरा और पॉलीथीनप्रफुल्ल शुक्ला ने माधव एक्सप्रेस को दिए अपने बयान में बताया कि नानाखेड़ा स्टेडियम में आयोजित होने वाली खेलकूद प्रतियोगिताओं के दौरान भारी मात्रा में कचरा, प्लास्टिक, पॉलीथीन और खाने-पीने का बचा हुआ सामान सीधे ट्रैक के आसपास फेंक दिया जाता है। यह गंदगी कई-कई दिनों तक स्टेडियम परिसर में फैली रहती है और तेज हवा के साथ इधर-उधर उड़ती रहती है, जिससे यहां की सुंदरता प्रभावित हो रही है।रोजाना आने वाले नागरिकों को होती है परेशानीश्री शुक्ला ने कहा कि इस स्टेडियम में रोज सुबह और शाम को स्वास्थ्य लाभ के लिए सैकड़ों आम नागरिक, बुजुर्ग और युवा टहलने के लिए आते हैं। चारों तरफ फैली गंदगी और उड़ती पॉलीथीन के कारण उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। गंदगी के इस आलम से स्टेडियम का स्वास्थ्यवर्धक वातावरण भी दूषित हो रहा है।आयोजकों की तय हो जवाबदारीप्रशासन और खेल प्रेमियों से कड़ा कदम उठाने की अपील करते हुए प्रफुल्ल शुक्ला ने मांग की है कि भविष्य में स्टेडियम में जब भी कोई खेल आयोजन या कार्यक्रम किया जाए, तो यह संबंधित आयोजकों की मुख्य जवाबदारी होनी चाहिए कि वे परिसर में कचरा न फैलने दें। आयोजन समाप्त होने के पश्चात सारा कचरा एकत्रित कर कचरा गाड़ी में भरकर उचित स्थान पर भिजवाया जाए, ताकि स्टेडियम की साफ-सफाई बरकरार रहे।शहर की छवि पर पड़ता है असरउन्होंने अंत में यह भी रेखांकित किया कि उज्जैन एक विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है, जहां सालभर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। यदि हमारे खेल परिसर और सार्वजनिक स्थल स्वच्छ रहेंगे, तो शहर आने वाले पर्यटकों के मन में उज्जैन की छवि एक सुंदर, सुव्यवस्थित और स्वच्छ शहर के रूप में अंकित होगी।
