ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बढ़ेगी जजों की संख्या, इतने नए जजों की नियुक्ति को मिली मंजूरी…
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उज्जैन, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संगठन (अजाक्स) मध्यप्रदेश ने भोपाल स्थित अजाक्स भवन को पुलिस के कब्जे से मुक्त कराकर प्रांतीय समिति को सौंपने, भवन के सामने से बैरिकेडिंग हटाने और सदस्यों का प्रवेश सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन ने बंद अवधि के दौरान उत्पन्न वित्तीय देनदारियों के समाधान की भी मांग उठाई है।संगठन के प्रांतीय महासचिव महेश विरोलिया और जिला अध्यक्ष डॉ. रतनलाल परमार द्वारा जारी संयुक्त बयान में बताया गया कि अजाक्स (AJAKS) मध्यप्रदेश का भोपाल स्थित भवन समाज के अधिकारियों, कर्मचारियों और सदस्यों के सामाजिक, शैक्षणिक, वैचारिक और संगठनात्मक हितों के संचालन का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।बयान में कहा गया है कि न्यायालय द्वारा अजाक्स समिति को भवन सौंपने के निर्देश दिए जाने के बावजूद पिछले लगभग चार महीने से भवन की चाबी पुलिस के कब्जे में है और ताले बंद हैं। संगठन का कहना है कि न्यायालय के आदेश के बाद भी चाबी न मिलना इसके अनुपालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।बैरिकेडिंग और वित्तीय देनदारियों पर चिंताअजाक्स भवन के सामने पुलिस विभाग द्वारा की गई बैरिकेडिंग को लेकर भी संगठन ने आपत्ति जताई है। पदाधिकारियों का कहना है कि यह भवन कर्मचारियों के आर्थिक सहयोग से निर्मित किया गया है, ऐसे में बिना किसी स्पष्ट वैधानिक आदेश के बैरिकेडिंग करना और सदस्यों के प्रवेश पर रोक लगाना अनुचित है।इसके साथ ही, भवन बंद रहने के बावजूद बिजली बिल, रखरखाव और अन्य नियमित वित्तीय देनदारियाँ लगातार बढ़ रही हैं, जबकि समिति इसका उपयोग करने में असमर्थ है। संगठन ने इस अवधि के खर्चों के निर्धारण और उचित समाधान की मांग की है।संगठन की प्रमुख मांगें:अजाक्स भवन, भोपाल की चाबी पुलिस कब्जे से मुक्त कराकर एक सप्ताह के भीतर प्रांतीय अजाक्स समिति को सौंपी जाए।भवन के सामने की गई बैरिकेडिंग की जांच कर उसे हटाया जाए और सदस्यों का प्रवेश सुनिश्चित किया जाए।भवन बंद रहने की अवधि के दौरान उत्पन्न बिजली बिल और रखरखाव व्यय का परीक्षण कर नियमानुसार समाधान किया जाए।न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में बिना किसी देरी के आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।संगठन ने राज्य शासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर अजाक्स भवन से संबंधित सभी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने का आग्रह किया है।
