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काठमांडू, 26 अक्टूबर । नेपाल के प्रमुख राजमार्गों के पूर्ण रूप से संचालन में आने के बाद प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल मुक्तिनाथ मंदिर में भारतीय श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। हिंदू और बौद्ध धर्मावलंबियों की आस्था के प्रमुख केंद्र मुक्तिनाथ मंदिर में पिछले एक महीने से श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम थी, लेकिन अब यहां पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है।
मुस्तांग जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार, राजमार्ग के सुचारु होने के बाद से पिछले एक हफ्ते में प्रत्येक दिन करीब 10 से 12 हजार भारतीय श्रद्धालुओं ने मुक्तिनाथ मंदिर में दर्शन किए। जिला पुलिस कार्यालय के पुलिस निरीक्षक एवं सूचना अधिकारी ईश्वर महत ने बताया कि नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद से मुक्तिनाथ तक का सड़क मार्ग बंद हो गया था जिसके कारण श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम हो गई है। लेकिन पिछले एक हफ्ते से धीरे धीरे अब श्रद्धालुओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि अपनी खुद की गाड़ी से पोखरा होते हुए मुक्तिनाथ पहुंचने वालों श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है जिसके कारण अब हर रोज करीब दस हजार से अधिक श्रद्धालु यहां दर्शन करने आ रहे हैं।
अगस्त और सितंबर में हुई भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से बेनी-जॉमसोम सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके चलते यह सड़क करीब एक महीने तक पूरी तरह बंद रही। हर साल पितृ पक्ष (सोह्रश्राद्ध) के दौरान हजारों श्रद्धालु मुस्तांग पहुंचते हैं। हालांकि, इस बार सड़क संपर्क बाधित होने के कारण पर्यटक और तीर्थयात्री मुस्तांग नहीं पहुंच सके। मुक्तिनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ ही बेनी-जॉमसोम सड़क मार्ग के आसपास स्थित होटल और अन्य आवासीय सुविधाओं में पर्यटकों की भीड़ बढ़ने लगी है। वहीं, मुस्तांग में पर्यटकों की बढ़ती आमद से स्थानीय कृषि उत्पादों की मांग में भी वृद्धि हुई है।
