इंदौर में कॉर्सा बाथ फिटिंग्स के पहले शोरूम का शुभारंभ
Spread the love, प्रीमियम बाथरूम और बिल्डिंग सोलुशन...
Spread the love, प्रीमियम बाथरूम और बिल्डिंग सोलुशन...
Spread the loveराशिफल : 26 अक्टूबर, 2026 मेष...
Spread the love झाबुआ, 25 अक्टूबर । मध्य...
अनूपपुर, 25 अक्टूबर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ नगरी अमरकंटक में अश्विन शुक्ल पक्ष की शरद पूर्णिमा, रेवती नक्षत्र रविवार को अबतक लगभग 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के पवित्र जल में डुबकी लगाई।
सुबह से ही नर्मदा स्नान करने और पवित्र जल में डुबकी लगाने का क्रम शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने स्नान के पश्चात मां नर्मदा के उद्गम मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया तथा सुख, शांति, समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना की।
शरद पूर्णिमा के अवसर पर मां नर्मदा के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और विश्वास देखने को मिला। रविवार का अवकाश होने के कारण बड़ी संख्या में लोग अमरकंटक पहुंचे। भोर से ही नर्मदा उद्गम कुंड एवं आसपास के घाटों पर स्नान करने वालों की आवाजाही बनी हैं। स्नान और दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने नगर के विभिन्न धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक पर्यटन केंद्रों का भ्रमण किया। जिसमें सोनमूड़ा, माई की बगिया, कपिलधारा, दूधधारा, जालेश्वर धाम, जैन मंदिर, श्रीयंत्र महामेरु शक्तिपीठ मंदिर, अरंडी संगम और कबीर चबूतरा सहित विभिन्न दर्शनीय स्थलों पर पहुंचकर प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्ता का अनुभव कर रहें हैं। मां नर्मदा के उद्गम स्थल से लेकर आसपास के जलप्रपातों, वन क्षेत्रों और प्राचीन धार्मिक स्थलों तक पर्यटकों की आवाजाही बनी हुई है।
डिंडोरी एवं रीवा जिले से छात्र-छात्राएं भी शैक्षणिक भ्रमण के लिए अमरकंटक पहुंचे हैं। भ्रमण के दौरान विद्यार्थी यहां के धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक महत्व वाले स्थलों का अवलोकन कर रहे हैं। अमरकंटक का प्राकृतिक परिवेश और मां नर्मदा के उद्गम से जुड़ा आध्यात्मिक महत्व विद्यार्थियों के लिए जानकारी एवं अध्ययन का महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।
शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर नर्मदा स्नान, दर्शन-पूजन और पर्यटन स्थलों के भ्रमण के चलते पवित्र नगरी में दिनभर धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियां जारी रहीं। मां नर्मदा की पावन धारा में स्नान कर श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ प्राप्त किया, वहीं पर्यटकों ने अमरकंटक की प्राकृतिक छटा और धार्मिक विरासत का आनंद लिया।
