GWALIOR TRUCK ACCIDENT : मौत बनकर दौड़ा ट्रक, 15 की जान गई!
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बलरामपुर, 18 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश के जनपद बलरामपुर में शनिवार देर रात पूजा पंडाल पर सड़क हादसे में हुई तीन लाेगाें की मौत का मुख्यमंत्री ने संज्ञान में लिया है। हादसे पर मुख्यमंत्री ने दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार की सहायता राशि की घोषणा की है। घायलों के बेहतर उपचार के साथ ही प्रदेश में सभी पूजा पंडालों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हादसे में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। प्रशासन का प्रयास है कि पीड़ित परिवारों को जल्द सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उल्लेखनीय है कि शनिवार रात करीब 11 बजे ग्राम चरनगहिया बेलहा में दुर्गा मंदिर के पास लगाए गए टेंट में कुछ लोग प्रोजेक्टर के माध्यम से कार्यक्रम देख रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार टेंट में घुस गई और लोगों को टक्कर मारते हुए दीवार से जा टकराई। हादसे में सात लोग दुर्घटना की चपेट में आए। इनमें पाटेश्वरी प्रसाद (42), मनोज सिंह (51) और गणेश पांडेय (45) की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। घायलों का उपचार जिला मेमोरियल चिकित्सालय, बलरामपुर में चल रहा है। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अपर जिलाधिकारी संदीप केला ने जिला मेमोरियल चिकित्सालय पहुंचकर घायलों के स्वास्थ्य और उपचार की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों को घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में जिला प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ है। उन्होंने घायलों के बेहतर उपचार और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
