लोकतंत्र के सशक्त प्रहरीथे लोकनायक जयप्रकाश नारायण : राजीव रंजन प्रसाद
Spread the loveपटना, 11 अक्टूबर l लोकनायक जयप्रकाश...
Spread the loveपटना, 11 अक्टूबर l लोकनायक जयप्रकाश...
Spread the love मुरादाबाद तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद...
Spread the loveलोकनायक जेपी की जयंती पर अभाविप...
पटना, 11 अक्टूबर l लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर उन्हें ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस की ओर से भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं जीकेसी के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा सामाजिक परिवर्तन के लिए उनका संघर्ष देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
जयप्रकाश नारायण का संपूर्ण जीवन त्याग, संघर्ष, नैतिकता और जनसेवा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ-साथ स्वतंत्रता के बाद भी सत्ता और व्यवस्था को जनहित के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए निरंतर प्रयास किया। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र केवल शासन की एक पद्धति नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं, अधिकारों और सम्मान की रक्षा करने वाली व्यवस्था है।
‘संपूर्ण क्रांति’ का उनका आह्वान भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इस आंदोलन ने युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भ्रष्टाचार, सामाजिक विषमता तथा सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों के क्षरण के विरुद्ध आवाज उठाने की प्रेरणा दी। आपातकाल के दौरान लोकतंत्र और नागरिक स्वतंत्रताओं की रक्षा के लिए उनका संघर्ष भारतीय इतिहास में विशेष महत्व रखता है।
प्रबंध न्यासी श्रीमती रागिनी रंजन ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण का मानना था कि वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है, जब राजनीतिक व्यवस्था के साथ-साथ समाज और व्यक्ति के आचरण में भी सकारात्मक बदलाव आए। आज उनके विचारों की प्रासंगिकता सुशासन, पारदर्शिता, सामाजिक न्याय, जनभागीदारी और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के संदर्भ में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
राष्ट्रीय महासचिव श्री नवीन कुमार ने कहा कि उनकी जयंती पर हम सभी को उनके आदर्शों को आत्मसात करने, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने तथा एक न्यायपूर्ण, समतामूलक और संवेदनशील समाज के निर्माण के लिए संकल्पित होना चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष श्री दीपक अभिषेक ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी और जननेता ही नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की चेतना के ऐसे प्रतीक हैं, जिनके विचार आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
इस अवसर पर अध्यक्षता श्री मधुकर वर्मा ने की ।सर्वश्री नीलेश रंजन,धनंजय प्रसाद,रवि सहाय,मुकेश महान बब्बू श्रीवास्तव,सुमन श्रीवास्तव,प्रवीण कुमार वर्मा,रवि सहाय,बब्बू श्रीवास्तव,आलोक वर्मा,अतुल कुमार श्रीवास्तव,आकाश राज,अजय श्रीवास्तव,राजीव कुमार,आयुष राहुल,अनिल कुमार श्रीवास्तव,प्रिंस कुमार श्रीवास्तव ,मधुमाला,नीतेश कुमार प्रसून श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे ।
