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सुपौल, 26 सितंबर । महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर सुपौल पुलिस की ओर से ‘पुलिस दीदी’ पहल के तहत जिले में लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
इस पहल के माध्यम से पुलिस कर्मियों द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर छात्राओं एवं महिलाओं से सीधा संवाद किया जा रहा है। उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और कानून से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है। जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं को महिला हेल्पलाइन, आपातकालीन सेवाओं, साइबर अपराध से बचाव तथा विभिन्न कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी जा रही है। पुलिस दीदी द्वारा छात्राओं को किसी भी प्रकार की परेशानी अथवा अपराध की स्थिति में चुप रहने के बजाय पुलिस अथवा संबंधित सहायता तंत्र से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इसके साथ ही नियमित गश्ती एवं जनसंपर्क के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। विद्यालयों में आयोजित संवाद कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं को बाल विवाह, नशा मुक्ति, लैंगिक समानता, सामाजिक कुरीतियों तथा सुरक्षित इंटरनेट उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।
पुलिस दीदी की टीम छात्राओं से उनकी समस्याओं और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर संवाद स्थापित कर रही है। इसका उद्देश्य पुलिस और आम लोगों के बीच दूरी कम करना तथा महिलाओं एवं बालिकाओं को आवश्यकता पड़ने पर पुलिस से सहज रूप से सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। जागरूकता अभियान के माध्यम से बालिकाओं को साइबर ठगी, ऑनलाइन उत्पीड़न और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। वहीं, बाल विवाह एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणामों की जानकारी देकर इनके खिलाफ सामूहिक जागरूकता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन के अनुसार, ‘पुलिस दीदी’ पहल का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जागरूकता और संवाद के माध्यम से अपराध की रोकथाम के लिए समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना भी है। यह पहल महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम के साथ पुलिस और आमजन के बीच विश्वास एवं सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
