इंदौर। मोल्ड डिजाइन, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में काम करने वाली ओम गैलेक्सी लिमिटेड अपना आईपीओ लेकर आ रही है। कंपनी के अनुसार आईपीओ के जरिए जुटाई गई राशि का उपयोग कारोबार के विस्तार, नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने और मौजूदा कर्ज के भुगतान में किया जाएगा।
कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से पाइप, फिटिंग, सैनिटरीवेयर, प्लास्टिक और पॉलिमर प्रोसेसिंग उद्योगों के लिए मोल्ड तैयार करने से जुड़ा है। कंपनी ने बताया कि वह पिछले करीब 17 वर्षों से इस क्षेत्र में काम कर रही है और इस दौरान अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार किया है।
दस्तावेज के अनुसार कंपनी ने 64 कैविटी तक और 6-7 टन तक वजन वाले बड़े एवं जटिल मोल्ड बनाने की क्षमता विकसित की है। कंपनी महाराष्ट्र में अपनी सहायक कंपनियों के साथ मिलकर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का संचालन करती है।
IPO से मिलेगी विस्तार को गति
कंपनी आईपीओ से प्राप्त शुद्ध राशि का उपयोग मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के समर्थन, उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए नई यूनिट स्थापित करने तथा कर्ज के भुगतान में करने की योजना बना रही है। कंपनी का मानना है कि इससे उसकी उत्पादन क्षमता और परिचालन दक्षता मजबूत होगी।
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने करीब ₹92.40 करोड़ का राजस्व, ₹3.83 करोड़ का EBITDA और करीब ₹2.66 करोड़ का कर-पश्चात लाभ दर्ज किया है।
कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा कि आईपीओ कंपनी के विकास सफर में महत्वपूर्ण कदम है। नई सुविधाओं और बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता के जरिए कंपनी भारत के डाई एंड मोल्ड्स बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
कंपनी के निदेशक के अनुसार आईपीओ से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, क्षमता विस्तार और कर्ज के पुनर्भुगतान में किया जाएगा। इससे कंपनी को भविष्य में बाजार में विकास के नए अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिलने की उम्मीद है।