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Aaj Ka Panchang: आज भौम प्रदोष व्रत रखा जाएगा. इस दिन भगवान शिव की पूजा के साथ कई शुभ योग बन रहे हैं. शाम 4:39 बजे से सर्वार्थ सिद्धि योग शुरू होगा, जो अगले दिन सुबह तक रहेगा. पंचांग के अनुसार पूजा, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल की जानकारी जानना भी जरूरी है. खासतौर पर प्रदोष व्रत रखने वाले भक्तों के लिए शाम का समय महत्वपूर्ण रहेगा. ऐसे में आइए जानते हैं 8 सितंबर का पूरा पंचांग, पूजा का शुभ समय, राहुकाल, नक्षत्र, योग और इस दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
8 सितंबर 2026 (मंगलवार) को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर 2:43 बजे तक रहेगी. इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी. इस दिन भौम प्रदोष व्रत है; भगवान शिव की पूजा करना शुभ माना जाता है. शाम 6:35 मिनट से रात 8:52 मिनट तक पूजा करना फलदाई रहेगा. जब प्रदोष मंगलवार को पड़ता है तो उसे भौम प्रदोष कहते हैं.
मंगलवार सुबह 6:15 बजे सूर्योदय और शाम 6:34 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, रात 3:02 बजे चंद्रोदय और दोपहर 4:46 बजे चंद्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा, जबकि चंद्रमा शाम 04:39 बजे तक पुष्य नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद आश्लेषा नक्षत्र आरंभ होगा.
मंगलवार को शाम 4:39 से अगले दिन सुबह 6:03 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, वहीं अगली सुबह 00:39 बजे तक परिघ योग रहेगा, इसके बाद शिव योग शुरू हो जाएगा. अभिजित मुहूर्त सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:49 तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. अमृत काल सुबह 10:40 से दोपहर 12:09 बजे तक रहेगा.
वहीं, राहुकाल दोपहर 3:29 बजे से 5:01 बजे और गुलिक काल दोपहर 12:24 से 1:56 बजे तक रहेगा. इसके अलावा, यमगंड काल सुबह 9:19 से दोपहर 10:52 बजे तक रहेगा. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है.
मंगलवार को इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा जबकि चंद्रमा कर्क राशि में स्थित रहेगा. उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है.
