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-लापता लोगों के प्रथम श्रेणी के परिजनों से लिए जाएंगे डीएनए नमूने, शवों को स्वदेश लाने में भी मिलेगी मदद
बेंगलुरु, 05 सितंबर । नेपाल में लापता कर्नाटक के लोगों की पहचान और आवश्यकता पड़ने पर मृतकों के पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने की प्रक्रिया में सुविधा के लिए बेंगलुरु के बॉरिंग एवं लेडी कर्जन अस्पताल को डीएनए प्रोफाइलिंग का नोडल केंद्र बनाया गया है। ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण (जीबीए) के मुख्य आयुक्त ने शनिवार को जारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी।
विज्ञप्ति के अनुसार, नेपाल में लापता लोगों की पहचान में सहयोग के लिए उनके प्रथम श्रेणी के परिजनों के डीएनए नमूने लिए जाएंगे। लापता व्यक्ति के माता-पिता, पुत्र या पुत्री नमूना दे सकते हैं।
डीएनए नमूना देने वाले परिजनों को हाल का पासपोर्ट आकार का फोटो, आधार कार्ड या कोई अन्य सरकारी पहचान पत्र तथा लापता व्यक्ति से संबंध प्रमाणित करने वाले आवश्यक दस्तावेज साथ लाने होंगे।
विधि-विज्ञान चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर एवं प्रमुख डॉ. नागेश कुप्पस्त को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनसे 9742707500 पर संपर्क किया जा सकता है। रेजिडेंट चिकित्सा अधिकारी डॉ. वादिराज बी. पोक्कन से 9448408640 पर संपर्क किया जा सकता है।
जीबीए ने अधिक जानकारी, मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1533 पर संपर्क करने की अपील की है।
