रायपुर, 13 अगस्त. छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने के संकेत हैं. राजधानी रायपुर में आयोजित पांचवें दो दिवसीय ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट के समापन अवसर पर स्टील और एल्युमिनियम सेक्टर में ₹13,800 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित इस समिट में देशभर से उद्योगपति, विशेषज्ञ और नीति-निर्माता शामिल हुए.
10 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर
नए निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ 10,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है. इससे राज्य के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत को दिया भरोसा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समिट के सफल आयोजन के लिए CII का आभार जताते हुए कहा कि स्टील और माइनिंग सेक्टर पर दो दिनों तक हुए विचार-विमर्श का देश और प्रदेश को दूरगामी लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने और पारदर्शी नीतियां लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है.
ग्रीन स्टील और आधुनिक तकनीक पर जोर
समिट में पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन स्टील उत्पादन, आधुनिक माइनिंग तकनीक और खनिज संसाधनों के टिकाऊ उपयोग पर विशेष चर्चा हुई. विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने कम कार्बन उत्सर्जन वाली तकनीकों को अपनाने तथा उत्पादन क्षमता बढ़ाने की रणनीतियों पर विचार साझा किए.
औद्योगिक हब के रूप में मजबूत हो रही पहचान
दो दिनों तक चले सम्मेलन में छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन स्टील हब के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई. नए निवेश से राज्य में स्टील और एल्युमिनियम आधारित उद्योगों के विस्तार के साथ खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
समिट में हुए ₹13,800 करोड़ से अधिक के निवेश समझौतों को छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ राज्य की राष्ट्रीय औद्योगिक पहचान और मजबूत होने की संभावना है.