चक्रवात ‘अर्नब’ से प्रभावित किसानों को शीघ्र मिलेगी राहत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए निर्देश
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Spread the love नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2026:...
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब शिक्षकों का वेतन उनकी ऑनलाइन उपस्थिति (ऑनलाइन अटेंडेंस) के आधार पर जारी किया जाएगा। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था जुलाई माह से लागू होगी, जिसके तहत जितने दिनों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होगी, उतने दिनों का ही वेतन शिक्षकों को मिलेगा।
डीपीआई द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, शिक्षकों की उपस्थिति का सत्यापन ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा और उसी के आधार पर वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विभाग का उद्देश्य उपस्थिति प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बताया जा रहा है। हालांकि, इस फैसले के बाद प्रदेश के शिक्षक संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। विभिन्न शिक्षक नेताओं ने आदेश का विरोध करते हुए कहा है कि तकनीकी खामियों को दूर किए बिना इस व्यवस्था को लागू करना उचित नहीं है।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि प्रदेश के कई दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट नेटवर्क की समस्या बनी रहती है। ऐसे में कई बार शिक्षक विद्यालय में उपस्थित होने के बावजूद ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज नहीं कर पाते। उनका कहना है कि यदि केवल ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन दिया गया तो कई शिक्षकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।शिक्षक नेताओं ने मांग की है कि पहले ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम की तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए, उसके बाद ही इसे वेतन भुगतान से जोड़ा जाए। फिलहाल डीपीआई के आदेश को लेकर शिक्षकों और शिक्षा विभाग के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है।
