जनकपुरी स्थित झूलेलाल मंदिर में मंदिर समिति के अध्यक्ष सुनील ममतानी एवं महामंत्री मुकेश भांभानी ने भगवान झूलेलाल जी के जीवन, संदेश और धार्मिक परंपराओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल जी को जल एवं वरुण देव का अवतार माना जाता है और वे मानवता, सेवा तथा सद्भाव के प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने बताया कि चेटीचंड के पावन अवसर पर भगवान झूलेलाल जी का जन्मोत्सव मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दौरान प्रतिदिन भजन-कीर्तन, विशेष पूजा-अर्चना एवं बहराणा साहिब की स्थापना की जाती है। साथ ही 40 दिनों तक अखंड ज्योति प्रज्वलित रखी जाती है। श्रद्धालु “ॐ श्री झूलेलाल नमः” मंत्र का जप कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि भगवान झूलेलाल जी केवल सिंधी समाज के आराध्य ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए जल, जीवन, सेवा, प्रेम और भाईचारे के प्रतीक हैं। उनका संदेश है कि अन्याय का साहसपूर्वक विरोध किया जाए तथा समाज में सद्भाव, करुणा और सेवा की भावना को निरंतर बढ़ावा दिया जाए।