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संजय अग्रवाल
(लेखक वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन, मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष हैं)
मध्य प्रदेश के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत राज्य को “बेस्ट परफॉर्मिंग लार्ज स्टेट – हाइएस्ट प्री-ऑथराइजेशंस विद बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन” श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान बायोमेट्रिक आधारित ‘प्री-ऑथराइजेशन’ प्रक्रिया के प्रभावी, पारदर्शी और सफल क्रियान्वयन के लिए प्रदान किया गया। बड़े राज्यों की श्रेणी में देश भर में शीर्ष स्थान हासिल कर मध्य प्रदेश ने यह साबित किया है कि सुशासन, तकनीकी नवाचार और जन-केंद्रित विकास को एक साथ धरातल पर उतारा जा सकता है।
यह उपलब्धि राज्य सरकार के प्रशासनिक कौशल और स्वास्थ्य प्रबंधन के प्रति निष्ठा का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल के मार्गदर्शन में राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर हैं। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता, तकनीक आधारित सुशासन और जनहित के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
बायोमेट्रिक प्री-ऑथराइजेशन: पारदर्शी और सुलभ स्वास्थ्य व्यवस्था
आयुष्मान भारत योजना का मूल उद्देश्य गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का नि:शुल्क स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करना है। किसी भी कल्याणकारी योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी अड़चन और पूरी पारदर्शिता के पहुंचे। मध्य प्रदेश ने बायोमेट्रिक आधारित ‘प्री-ऑथराइजेशन’ को सख्ती से लागू कर इस लक्ष्य को हासिल किया है।
आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (e-KYC) से योजना में अनियमिताओं और फर्जी दावों की गुंजाइश खत्म हुई है। अस्पताल में भर्ती होने से पहले ही त्वरित ऑथेंटिकेशन होने से वास्तविक लाभार्थियों को तुरंत इलाज मिल रहा है और सरकारी संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित हुआ है।
राष्ट्रीय मंच पर मिला सम्मान:
नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में आयोजित राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव सुश्री पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने यह पुरस्कार आयुष्मान भारत निरामयम् मध्य प्रदेश के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री अरविंद शाह को सौंपा। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल, संयुक्त सचिव श्री किरण गोपाल वास्का तथा UIDAI के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सामाजिक दृष्टिकोण और आधुनिक सुशासन
भारतीय समाज में स्वास्थ्य सुरक्षा और वंचितों की सहायता को सबसे बड़ा सामाजिक उत्तरदायित्व माना गया है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा योजना के क्रियान्वयन में दिखाई गई तकनीकी उत्कृष्टता इन्हीं लोक-कल्याणकारी मूल्यों का आधुनिक स्वरूप है। जब जनता के इलाज के लिए आवंटित बजटीय राशि बिना किसी रिसाव (leakage) के सीधे जरूरतमंदों — किसानों, मजदूरों, ग्रामीण महिलाओं और वंचित वर्गों — तक पहुंचती है, तब सुशासन का वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है।
डिजिटल इंडिया मिशन के तहत बायोमेट्रिक प्रणाली का यह सफल उपयोग दर्शाता है कि मध्य प्रदेश स्थानीय स्तर पर तकनीकी समाधान अपनाकर बड़ी व्यवस्थागत चुनौतियों को कुशलता से हल कर रहा है।
आगे की राह
यह राष्ट्रीय सम्मान मध्य प्रदेश की समूची टीम — प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सा कर्मियों, आयुष्मान भारत निरामयम् के कर्मचारियों और संबद्ध अस्पतालों के सामूहिक प्रयासों का सुखद परिणाम है।
हालांकि, इस सफलता के साथ हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। आने वाले समय में:
अधिक से अधिक निजी और सरकारी अस्पतालों को इस डिजिटल नेटवर्क से जोड़ना होगा।
ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में योजना के प्रति जागरूकता अभियानों को गति देनी होगी।
केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित न रहकर इलाज की गुणवत्ता (Quality of Care) को निरंतर बेहतर बनाना होगा।
मध्य प्रदेश सरकार की यह उपलब्धि प्रशंसनीय है। आशा है कि राज्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में बनाए गए इस मानक को बनाए रखते हुए अन्य विकास सूचकांकों में भी देश का अग्रणी राज्य बनेगा।
