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, चार दशक तक चौबीसी के सर्वमान्य अध्यक्ष रहे
चन्देरी। नगर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, जैन समाज के अग्रणी व्यक्तित्व एवं लंबे समय तक सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं का नेतृत्व करने वाले चौधरी कुंवर पदम सिंह जैन का लगभग 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से जैन समाज सहित नगर के सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।कुंवर पदम सिंह जैन का चन्देरी के जैन समाज में लंबे समय तक प्रभावशाली और सम्मानित स्थान रहा। वे श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र चौबीसी एवं खंदारजी ट्रस्ट से जुड़े रहे तथा लगभग चार दशकों तक चौबीसी के अध्यक्ष के रूप में समाज का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में चौबीसी की धार्मिक परंपराओं, प्रतिष्ठा और मूल स्वरूप को बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।खंदारजी अतिशय क्षेत्र से भी रहा गहरा जुड़ावकुंवर पदम सिंह जैन खंदारजी क्षेत्र के ट्रस्टी एवं अध्यक्ष रहे। उनके कार्यकाल को समाज में शांतिपूर्ण और निर्विवाद कार्यकाल के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने तत्कालीन परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप क्षेत्र के विकास तथा समाजहित में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए। खंदारजी क्षेत्र के विकास में उनके योगदान को जैन समाज एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखता है।जैन संस्थाओं में भी निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियांवे जैन मिलन के अध्यक्ष रहे। इसके साथ ही अखिल भारतीय दिगंबर जैन महासमिति के अध्यक्ष एवं आजीवन सदस्य के रूप में भी उन्होंने समाज की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के साथ उनका लंबे समय का जुड़ाव उनके व्यापक सामाजिक प्रभाव को दर्शाता है।सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में भी सक्रिय रहेकुंवर पदम सिंह जैन सार्वजनिक जीवन में भी सक्रिय रहे। वे विशेष क्षेत्र प्राधिकरण, चन्देरी के दो बार निर्वाचित प्रतिनिधि रहे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के रूप में उन्होंने लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में अपनी भूमिका निभाई। वे राजमाता विजयाराजे सिंधिया के विश्वासपात्रों में रहे तथा श्रीमंत माधवराव सिंधिया के निकट सहयोगियों में भी उनकी पहचान रही।जागीरदार परिवार की विरासत, लेकिन व्यवहार में सहजताकुंवर पदम सिंह जैन प्रतिष्ठित जागीरदार परिवार से आते थे। परिवार की सामाजिक और ऐतिहासिक प्रतिष्ठा के बावजूद उनके व्यवहार में कभी अहंकार दिखाई नहीं देता था। वे सामान्य व्यक्ति से भी उतनी ही आत्मीयता और सहजता से मिलते थे, जितनी समाज के प्रतिष्ठित लोगों से। उनका हंसमुख स्वभाव और सरल व्यवहार उन्हें लोगों के बीच लोकप्रिय बनाता था।उनके निधन को चन्देरी के सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक जीवन की एक महत्वपूर्ण क्षति माना जा रहा है। समाज के लोगों का कहना है कि लगभग चार दशकों तक चौबीसी का नेतृत्व करने वाले कुंवर पदम सिंह जैन का योगदान चन्देरी के जैन समाज की स्मृतियों में लंबे समय तक जीवित रहेगा।उनका निधन केवल एक व्यक्ति का निधन नहीं, बल्कि चन्देरी के सार्वजनिक जीवन की उस पीढ़ी का अवसान है, जिसने धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और राजनीति में लंबे समय तक अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।
