बोल नहीं सकती तो क्या हुआ, लिखकर भी रख सकती हैं अपना पक्ष; छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी
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बालटाल,। अमरनाथ यात्रा के दूसरे दिन शनिवार को 11,399 श्रद्धालुओं ने 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर में बाबा बर्फानी के दर्शन किए। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं का जत्था पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान (पहलगाम) मार्ग और 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से पवित्र गुफा की ओर रवाना हुआ। पुरुषों, महिलाओं और साधु-संतों ने बम-बम भोले के जयघोष के साथ अपनी धार्मिक यात्रा शुरू की।
अधिकारियों के अनुसार, दोनों बेस कैंपों से सुबह हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया गया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा के सुचारू संचालन के लिए पूरे मार्ग पर बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान दोनों मार्गों पर तैनात हैं और यात्रा की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
इस बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए अपील की है कि वे केवल एडवांस रजिस्ट्रेशन कराने के बाद ही यात्रा करें और रजिस्ट्रेशन पर्ची पर अंकित निर्धारित तिथि का सख्ती से पालन करें। प्रशासन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या तय की गई है।
28 अगस्त को संपन्न होगी यात्रा
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि देशभर की चुनिंदा बैंक शाखाओं और ऑनलाइन माध्यमों से पहले ही एडवांस रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी, जिसका अधिकांश श्रद्धालुओं ने लाभ उठाया है। वहीं, ऑन-द-स्पॉट या तत्काल रजिस्ट्रेशन के लिए सीमित स्लॉट ही उपलब्ध हैं, इसलिए बिना पूर्व पंजीकरण के बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को समायोजित करना संभव नहीं है। अधिकारियों ने दोहराया कि किसी भी श्रद्धालु को उसकी निर्धारित यात्रा तिथि से पहले आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 57 दिनों तक चलने वाली यह पवित्र अमरनाथ यात्रा 28 अगस्त को संपन्न होगी।
