दुबई में कानूनी विवाद में घिरे भारतीय इवेंट प्रमोटर दीपक चौधरी, अदालत ने लगाया ट्रैवल बैन और संपत्तियां फ्रीज करने का आदेश
दुबई/मुंबई। भारतीय मनोरंजन उद्योग से जुड़े इवेंट प्रमोटर दीपक चौधरी दुबई में एक कानूनी विवाद के चलते चर्चा में हैं। उपलब्ध न्यायालयी दस्तावेजों के अनुसार, लगभग AED 29,93,058 (करीब ₹7.70 करोड़) के कथित बकाया ऋण से जुड़े मामले में दुबई की अदालत ने उनके देश छोड़ने पर अस्थायी रोक (ट्रैवल बैन) लगाने और उनकी कुछ संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश जारी किए हैं।
दस्तावेजों के अनुसार, 11 जून 2026 को जारी आदेश के तहत मामले के निस्तारण तक उनके बैंक खाते, बैंक कार्ड, अचल संपत्तियां, प्राप्तियां (रिसीवेबल्स) तथा अन्य परिसंपत्तियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, निष्पादन (एक्जीक्यूशन) प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) छोड़ने की अनुमति नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, 11 जून को दीपक चौधरी दुबई से मुंबई के लिए रवाना होने की तैयारी में थे। इसी दौरान अदालत के आदेश के बाद उन पर यात्रा प्रतिबंध लागू हो गया, जिसके कारण वे यूएई से बाहर नहीं जा सके।
दीपक चौधरी लंबे समय से भारत और मध्य-पूर्व के लाइव एंटरटेनमेंट एवं इवेंट उद्योग से जुड़े रहे हैं। उनका नाम विभिन्न कॉन्सर्ट, फेस्टिवल, टैलेंट मैनेजमेंट और मनोरंजन आयोजनों से जुड़ा रहा है तथा उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के कार्यक्रमों के आयोजन में भूमिका निभाई है।
मामले से जुड़े पक्षों का आरोप है कि कुछ आयोजनों से संबंधित वित्तीय दायित्वों का भुगतान अभी शेष है। वहीं, कुछ शिकायतकर्ताओं ने धनराशि के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर दीपक चौधरी की ओर से इस समाचार के प्रकाशित होने तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि कानूनी प्रक्रिया जारी रहती है तो इसका प्रभाव उनके आगामी व्यावसायिक कार्यक्रमों और उद्योग से जुड़े संबंधों पर पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजर इस मामले में आगे की न्यायिक कार्यवाही और संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर बनी हुई है।
