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नई दिल्ल। भारतीय सेना के नए थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने बुधवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। इस मौके पर रक्षा मंत्रालय मुख्यालय में आयोजित गार्ड ऑफ ऑनर समारोह में एक अत्यंत भावुक और गौरवपूर्ण क्षण दिखाई दिया। गार्ड ऑफ ऑनर प्राप्त करने के बाद, जनरल सेठ ने अपने पिता, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. सेठ, को सैन्य सैल्यूट किया। पिता ने भी पलटकर सैल्यूट किया, जिसके बाद नए सेना प्रमुख ने अपने पिता सहित वहां मौजूद परिजनों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। यह दृश्य उपस्थित सैन्य अधिकारियों, जवानों और अतिथियों के लिए विशेष प्रेरणा का केंद्र रहा।
इस समारोह में जनरल सेठ के छोटे भाई, रियर एडमिरल रवनीश सेठ भी मौजूद थे, जिन्होंने बड़े भाई को सैल्यूट कर अपनी खुशी व्यक्त की। भारतीय सशस्त्र बलों की विभिन्न शाखाओं में सेवा दे रहे इस परिवार की उपस्थिति ने कार्यक्रम में चार चादं लगा दिए। यह सैन्य परंपरा, पारिवारिक संस्कारों और राष्ट्रसेवा के प्रति अटूट समर्पण का एक अनूठा संगम था।
पदभार संभालने के बाद, भारतीय सेना के 31वें थलसेना प्रमुख जनरल सेठ ने कहा कि भारतीय सेना का नेतृत्व करना उनके लिए गर्व और विनम्रता का विषय है। उन्होंने ‘कर्तव्य, सम्मान और राष्ट्र सर्वोपरि’ के सिद्धांतों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दिखाकर राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने का संकल्प लिया। नए थलसेना प्रमुख ने राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनका साहस, समर्पण और निस्वार्थ सेवा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
जनरल सेठ ने 30 जून 2026 को सेना प्रमुख का कार्यभार संभाला है। इससे पहले वे सेना के उपप्रमुख के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने निवर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी सहित सभी पूर्व सेना प्रमुखों के योगदान को नमन किया। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला के पूर्व छात्र जनरल सेठ ने दिसंबर 1986 में भारतीय सेना की बख्तरबंद कोर में कमीशन प्राप्त किया था। अपने चार दशकों के शानदार सैन्य करियर के दौरान, उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्र से लेकर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-विरोधी अभियानों तक, विभिन्न स्तरों पर महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने सुदर्शन चक्र कोर और दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग जैसे प्रमुख पदों पर भी कमान संभाली है। उन्होंने देशवासियों को आश्वस्त किया कि भारतीय सेना देश की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर परिस्थिति में पूरी तरह तैयार है।
