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17 जुलाई तक घर-घर पहुंचकर 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का किया जाएगा चिन्हांकन
महासमुंद, 12 जून 2026
जिले के 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान सुनिश्चित करने जिले में विशेष सर्वेक्षण अभियान प्रारंभ किया गया है। अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग तथा समावेशी शिक्षा से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों को अंतर्विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के चिन्हांकन कार्य को पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ किया जाए। सर्वेक्षण दल घर-घर पहुंचकर बच्चों की पहचान करें, ताकि जिले का कोई भी पात्र बच्चा शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं से वंचित न रहे। इस सर्वे अभियान के अंतर्गत 17 जुलाई तक सत्यापन एवं चिन्हांकन कार्य किया जाएगा। सर्वे के दौरान बच्चों की दिव्यांगता की स्थिति के साथ-साथ उनके आधार कार्ड की उपलब्धता एवं स्थिति का भी आकलन किया जाएगा। अभियान के तहत दिव्यांग बच्चों को शिक्षा, विशेष शिक्षण सामग्री, सहायक उपकरण, चिकित्सा परीक्षण, दिव्यांग प्रमाण-पत्र एवं अन्य शासकीय योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत रमेश नंदनवार ने बताया कि दिव्यांगता के लक्षणों की सूक्ष्म पहचान सही श्रेणी निर्धारण के लिए अत्यंत आवश्यक है। कई दिव्यांगताएं सामान्य रूप से दिखाई नहीं देतीं, इसलिए सर्वेक्षण के दौरान विशेष चेकलिस्ट के आधार पर प्रत्येक बच्चे का सावधानीपूर्वक परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने सर्वे प्रपत्रों की त्रुटिरहित एंट्री एवं डिजिटल डाटा की शुद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।
जिला मिशन समन्वयक श्री रेखराज शर्मा ने बताया कि जिले में वर्तमान में दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित, चलन बाधित, बौद्धिक दिव्यांगता, विशिष्ट अधिगम अक्षमता, सिकल सेल सहित कुल 21 प्रकार की दिव्यांगता श्रेणियां शामिल हैं। सर्वे कार्य के लिए विकासखंड श्रोत समन्वयकों, बीआरपी एवं स्पेशल एजुकेटर्स को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस बार प्रत्येक विद्यालय में एक शिक्षक को इन्क्लूसिव एम्बेसडर बनाया जा रहा है, जो विद्यालय में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों के मेंटर के रूप में कार्य करेंगे। बैठक में बताया गया कि महासमुंद जिले में वर्तमान में कुल 3,461 दिव्यांग बच्चे दर्ज हैं। जिसमें महासमुंद विकासखंड अंतर्गत 1,017 बच्चे, पिथौरा विकासखंड में 645 बच्चे, बसना में 612 बच्चे, सरायपाली में 595 एवं बागबाहरा विकासखंड में 592 बच्चे है।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी. एल. देवांगन ने जिलेवासियों से अपील की है कि सर्वेक्षण दल के घर पहुंचने पर बच्चों से संबंधित सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि अभियान को सफल बनाया जा सके और प्रत्येक पात्र बच्चे तक शासन की सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।
