मन में बरसों से बसी थी रामलला के दर्शन की आस, साय सरकार की योजना से पूरा हुआ डोमन-पार्वती का सपना
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अमृतसर,। पांचवें पातशाह श्री गुरु अर्जन देवजी के शहीदी दिवस पर बुधवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जत्था रवाना हुआ। बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयघोष के बीच यह जत्था अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान गया। श्रद्धालु 20 जून तक विभिन्न गुरुधामों के दर्शन कर भारत लौटेंगे। इस जत्थे की अगुवाई एसजीपीसी सदस्य भूपिंदर सिंह भलवान कर रहे हैं, जबकि गुरमीत सिंह बहू को उप-नेता बनाया है। जानकारी के मुताबिक कुल 561 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे गए थे, जिनमें से 541 को पाकिस्तान उच्चायोग की ओर से वीजा जारी किया गया है, जबकि 20 श्रद्धालुओं के वीजा आवेदन अस्वीकार कर दिए गए। जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि पाकिस्तान स्थित गुरु नानक देवजी के जन्मस्थान ननकाना साहिब, गुरुद्वारा पंजा साहिब और अन्य ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन करना उनके जीवन का सपना था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मोगा जिले के एक श्रद्धालु ने कहा कि उन्हें दस दिन का वीजा मिला है और वह पहली बार इन पवित्र स्थलों के दर्शन करने पाकिस्तान जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार उनकी इस यात्रा को लेकर बेहद खुश है। समाजसेवी लखविंदर सिंह लखा सलेमपुरी ने कहा कि सालों से अरदास में जिन गुरुधामों के दर्शन की कामना करते थे, वह आज पूरी होने जा रही है। उन्होंने बताया कि जत्था सबसे पहले ननकाना साहिब पहुंचेगा, इसके बाद पंजा साहिब, करतारपुर साहिब और लाहौर स्थित डेरा साहिब में गुरु अर्जन देवजी के शहीदी दिवस संबंधी समागम में शामिल होगा। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं बल्कि सिख इतिहास और विरासत से जुड़ने का भी अहम अवसर है। परिवारों और रिश्तेदारों में भी इस यात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। सभी श्रद्धालुओं ने सफल और शांतिपूर्ण यात्रा के लिए अरदास करते हुए गुरुधामों के दर्शन का सौभाग्य मिलने पर खुशी व्यक्त की।
