माधव एक्सप्रेस,महिदपुर (उज्जैन)।
उज्जैन जिले की महिदपुर थाना पुलिस ने नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगारों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी को गुजरात के गोधरा से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी के खिलाफ पहले से ही अलग-अलग थानों में 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
फरियादियों ने महिदपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने उन्हें नौकरी लगवाने का झांसा दिया और अलग-अलग किस्तों में कुल ₹25 लाख वसूल लिए। पैसे लेने के बाद आरोपियों ने नौकरी का झूठा आश्वासन देकर उन्हें लगातार गुमराह किया। जब पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) आलोक कुमार शर्मा एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) महिदपुर जेडेन लिंगजर्पा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह परिहार और पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के लेन-देन और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी बालूसिंह पिता भेरूलाल बैरागी (निवासी झारखेड़ी) को गोधरा (गुजरात) से हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS)/भादवि की धारा 420, 467, 468, 471, 506 और 120(बी) के तहत मामला दर्ज किया है।
आरोपियों का विवरण:
बालूसिंह पिता भेरूलाल बैरागी (निवासी ग्राम झारखेड़ी, महिदपुर, उज्जैन) – गिरफ्तार
जितेन्द्र बैरागी पिता सत्यनारायण बैरागी (निवासी अम्बेडकर कॉलोनी, उज्जैन) – फरार
लखनसिंह पिता सौदानसिंह (निवासी विजय नगर, इंदौर) – फरार आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड पकड़े गए मुख्य आरोपी बालूसिंह के खिलाफ पहले से ही 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, चोरी, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। आरोपी थाना महिदपुर के अलावा रतलाम जिले के आलोट थाने का भी रिकॉर्डधारी बदमाश है। कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम इस कार्रवाई में निरीक्षक नरेंद्र सिंह परिहार, उपनिरीक्षक प्रतीक यादव, उपनिरीक्षक अन्नपूर्णा, सहायक उपनिरीक्षक वीरेंद्र प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक जितेंद्र सिंह, आरक्षक राघव सिंह, आरक्षक मोहर सिंह और आरक्षक डॉ. नारायण की सराहनीय भूमिका रही।
