मुंगावली/माधव एक्सप्रेस
(शंकर सिंह राजपूत)
अशोकनगर। मुंगावली क्षेत्र में मौसम के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। बुधवार शाम होते ही अचानक आए तेज आंधी-तूफान के साथ हुई झमाझम बारिश ने पूरे क्षेत्र के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। चक्रवाती आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि सड़क किनारे लगे कई पेड़ों की विशाल शाखाएं टूटकर सड़कों पर आ गिरीं। मुख्य मार्गों पर एकाएक पेड़ गिरने से राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई और मवेशी भी दहशत में आ गए। कई जगह आवागमन भी आंशिक रूप से बाधित हुआ।
खेतों में बिछी फसलें, आंधी में उड़ी मेहनत
इस बेमौसम आंधी-बारिश की सबसे भीषण मार क्षेत्र के अन्नदाता पर पड़ी है। खेतों में पककर तैयार खड़ी और कटाई के बाद सूखने के लिए रखी मूंग व उड़द की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई किसानों की कटी हुई फसल तेज आंधी के बवंडर में हवा में उड़ गई। किसानों का कहना है कि इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी महीनों की मेहनत और पूंजी पर पानी फेर दिया है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति पहुंची है।
सर्वे और मुआवजे की उठी मांग
फसलों की बर्बादी से आक्रोशित और परेशान किसानों ने शासन-प्रशासन से तत्काल राहत की गुहार लगाई है। किसानों का कहना है कि:
”सरकार जल्द से जल्द राजस्व विभाग की टीम को मैदान में उतारकर मूंग, उड़द और आम की फसलों के नुकसान का निष्पक्ष सर्वे कराए और जल्द से जल्द उचित मुआवजा राशि सुनिश्चित करे।”
खाद-यूरिया संकट पर भी ध्यान देने की अपील
मुआवजे के साथ ही किसानों ने आगामी खरीफ सीजन को लेकर भी अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि आगामी खरीफ फसलों की समय पर बिजाई (बोआई) सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र में खाद और यूरिया की किल्लत को तुरंत दूर किया जाए। समय रहते खाद की सुचारू व्यवस्था होने से किसान आने वाले सीजन में परेशानियों से बच सकेंगे।
