हुनर परियोजना से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहीं ग्रामीण महिलाएं
उज्जैन जिले के ग्राम कनासिया में महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने के उद्देश्य से “परियोजना हुनर” का शुभारंभ किया गया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को हैंडीक्राफ्ट एवं हस्तकला में प्रशिक्षित कर आगामी सिंहस्थ मेले में उन्हें व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाना तथा घर बैठे आजीविका के साधनों को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में मदर ऑर्गेनाइजेशन की कार्यक्रम प्रभारी सविता तंवर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मासिक स्त्राव प्रबंधन दिवस के अवसर पर महिलाओं को स्वास्थ्य जागरूकता, माहवारी के दौरान होने वाली कठिनाइयों, कमजोरी एवं तनाव से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही “रेड डॉट चैलेंज” के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को मासिक धर्म से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर ममता सोलंकी ने महिलाओं को बताया कि माहवारी एक सामान्य एवं निरंतर चलने वाली शारीरिक प्रक्रिया है, जिसे संतुलित खान-पान और स्वच्छता की आदतों से स्वस्थ एवं सहज बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर एमएस फाइनेंस के क्षेत्र प्रभारी घनश्याम परवल ने महिलाओं को छोटी-छोटी बचत के माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने तथा घरेलू एवं लघु व्यवसायों के लिए आर्थिक सहयोग प्राप्त करने की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान “प्रोजेक्ट हुनर” के तहत महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण हेतु आवश्यक सामग्री वितरित करते हुए निशुल्क प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ भी किया गया। इसका उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें व्यावसायिक क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित करना है।
ग्रामीण महिलाओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। लगभग 150 महिलाओं ने पंजीयन करवाया, जो आगामी दिनों में एमएस फाइनेंस के सामाजिक दायित्व कार्यक्रम एवं मदर ऑर्गेनाइजेशन की हुनर परियोजना से जुड़कर अपनी आजीविका को मजबूत और सुदृढ़ बनाएंगी।