इंदौर: ओरिएंटल विश्वविद्यालय, इंदौर में “ड्रग्स दुरुपयोग और जागरूकता” विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नशे के हानिकारक प्रभाव, रोकथाम, कानूनी परिणाम और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता पैदा करना था। इस सत्र का उद्देश्य छात्रों को स्वस्थ, अनुशासित और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने नारकोटिक्स अवेयरनेस टीम का हार्दिक स्वागत किया, जिसमें एसीपी श्री संतोष हाड़ा, सुश्री राधा जामोड़, सुश्री आरती कटियार, और श्री जयेश कटारिया सहित अन्य टीम सदस्य शामिल थे।
सत्र के दौरान अधिकारियों ने नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव, ड्रग्स से संबंधित कानूनी प्रावधान, रोकथाम के उपाय तथा युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों ने सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया तथा नशे की रोकथाम से जुड़े विभिन्न प्रश्न एवं जिज्ञासाएँ साझा कीं। यह सत्र विद्यार्थियों के बीच जागरूकता फैलाने और उन्हें जिम्मेदार एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने में अत्यंत प्रभावशाली सिद्ध हुआ।
सत्र का समापन माननीय वाइस-चांसलर प्रो. (डॉ.) अमोल गोरे द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। उन्होंने विशेषज्ञ टीम का आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। साथ ही विश्वविद्यालय प्रबंधन, संकाय सदस्यों, स्वयंसेवकों एवं विद्यार्थियों को उनके सक्रिय सहयोग और सहभागिता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
आगंतुक टीम के नेतृत्वकर्ता एसीपी श्री संतोष हाड़ा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा प्रदान किए गए प्रशासनिक एवं तकनीकी सहयोग की सराहना की।
आयोजन समिति ने माननीय कुलाधिपति श्री प्रवीण ठकराल, माननीय प्रो-चांसलर प्रो. (डॉ.) ध्रुव घई, माननीय प्रो-चांसलर श्री गौरव ठकराल, एवं माननीय मुख्य प्रबंध निदेशक प्रो. (डॉ.) गरिमा घई के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिनके अमूल्य मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं निरंतर सहयोग से इस प्रकार के सार्थक कार्यक्रमों का सफल आयोजन संभव हो पा रहा है, जो युवाओं में जागरूकता फैलाने एवं राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
