इंदौर, 11 मई 2026 – दिनशॉज़ डेयरी प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना लगभग एक सदी पहले 1932 में हुई थी और ब्रांड अपनी विरासत को बनाए रखते हुए आज के दौर के उपभोक्ताओं की पसंद के अनुरूप नए अनुभव प्रदान करने के लिए तत्पर है। दिनशॉज़ इस साल की गर्मियों में भारत के ग्राहकों के लिए आइसक्रीम कोन के आखिरी टुकड़े (लास्ट बाइट) को और भी आनंददायक बना रहा है। उपभोक्ताओं को आइसक्रीम खाने का बेहतर अनुभव प्रदान करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप दिनशॉज़ ने कोन के निचले सिरे पर 3 गुना अधिक सॉलिड चॉकलेट डाला है, जिससे “लास्ट बाइट” उपभोक्ताओं के लिए और भी अधिक संतोषप्रद बन गया है।
ज़्यादातर ब्रांड नए फ्लेवर (ज़ायके) पर ध्यान देते हैं, वहीं दिनशॉज़ आइसक्रीम खाने से जुड़े नए अनुभव पेश करने की कोशिश कर रहा है। अपेक्षाकृत अधिक ज़ायकेदार और चॉकलेट से भरपूर आइसक्रीम प्रदान कर, यह ब्रांड उपभोक्ताओं की बेहतरीन उत्पाद की चाहत को पूरा करता है। दिनशॉज़ नए-नए उत्पाद पेश करने के साथ-साथ, वृद्धि से जुड़ी स्पष्ट और अनुशासित रणनीति के साथ अपने वितरण नेटवर्क का भी लगातार विस्तार कर रहा है। यह ब्रांड अभी 10 राज्यों में लगभग 50,000 आउटलेट तक अपनी सेवा प्रदान कर रहा है, और हर साल अपने नेटवर्क में 10,000–12,000 नए आउटलेट जोड़ रहा है। ब्रांड मुख्य तौर पर अच्छी बिक्री वाले बाज़ारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, साथ ही यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि अधिक से आधिक उपभोक्ताओं तक इसकी पहुंच हो।
दिनशॉज़ अपनी दीर्घकालिक वृद्धि योजना के तहत, दक्षिण भारत में विस्तार के लिए भी कदम उठा रहा है, जिसके तहत कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में प्रवेश से जुड़ी विशेष योजना बनाई गई है। बाज़ार विस्तार की यह रणनीतिक पहल, ब्रांड की निरंतर वृद्धि के दृष्टिकोण के अनुरूप है, और साथ ही इससे क्षेत्रीय स्तर पर ब्रांड की प्रासंगिकता और बढ़ेगी।
दिनशॉज़ नवोन्मेष, बाज़ार में गहरी पैठ और भौगोलिक विस्तार के ज़रिये, भारत के लगातार बदलते आइसक्रीम बाज़ार में अपनी स्थिति को और भी मज़बूत कर रहा है।
