एआई क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार छत्तीसगढ़, 500 करोड़ के मुख्यमंत्री एआई मिशन से संवरेगा युवाओं और तकनीक का भविष्य
Spread the loveविशेष लेख – धनंजय राठौर सयुक्त...
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Spread the loveरायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज...
Spread the love नई दिल्ली, 17 सितंबर ।...
*”यह एक गोली सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं लगी, इसने हर उस इंसान के आत्मसम्मान को चोट पहुँचाई है जो इस देश में मेहनत करके कुछ करना चाहता है।”*
नमस्कार, मेरा नाम क्रांति प्रकाश झा है और यह संदेश हर एक भारतीय के लिए है। मैं भी अपने कॉलेज के दिनों से इस तरह की सोच और छवि को देखता और महसूस करता आया हूँ। आमतौर पर सही और गलत के मायने हर किसी के लिए अलग होते हैं, लेकिन कुछ गलतियाँ ऐसी होती हैं जो कभी सही नहीं हो सकतीं।हमारे समाज में हर किसी का अपना सही और गलत होता है, लेकिन इसी समाज ने एक पूरे राज्य और एक पूरी समुदाय को इतना गलत बना दिया है कि वे अब इंसान नहीं, सिर्फ एक पहचान बनकर रह गए हैं। यह बहुत दुखद है। कोई ऐसा कैसे कर सकता है?
कभी “बिहारी” कहकर मज़ाक बनाया जाता है, कभी गालियाँ दी जाती हैं। और काश यह यहीं तक खत्म होता। अब तो लोग पूछकर गोली मार देते हैं कि “क्या तुम बिहार से हो?” कुछ ही दिन पहले, एक 21 साल का मासूम लड़का—सिर्फ 21 साल का—जिसका कोई गलत इतिहास नहीं था, कोई गलती नहीं थी। वह अपने घर से दूर काम करने आया था, मेहनत कर रहा था, अपनी रोज़ी-रोटी कमा रहा था।अचानक किसी ने उससे पूछा, “क्या तुम बिहार से हो?” उसने कहा, “हाँ।” सामने वाले को गुस्सा आया, उसने गोली चला दी—और सब खत्म।बिहारी होना कोई मज़ाक नहीं है, यह एक मेहनत है, एक संघर्ष है। यही लोग हैं जो अपने खेत छोड़कर आपके खेतों में काम करते हैं। यही लोग आपके शहर बनाते हैं और आपकी ज़िंदगी आसान बनाते हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी तक, उनकी मेहनत हर जगह बहती है।
बिहारी होना साहस है, क्योंकि हर बिहारी में यह क्षमता होती है कि वह हर मुश्किल को अपने पक्ष में बदल सके। ठीक है, तारीफ मत करो, लेकिन इतनी नफरत मत करो कि तुम्हारा गुस्सा किसी की जान ले ले।नहीं, यह एक गोली सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं लगी है। इस एक गोली ने हर उस इंसान के आत्मसम्मान को चोट पहुँचाई है, जो इस देश में रहकर मेहनत से कुछ करना चाहता है।हमें खुद से पूछना होगा कि हम कैसा समाज बनाना चाहते हैं—जहाँ इंसान को इंसान की तरह देखा जाए, या सिर्फ एक पहचान के रूप में।
हम एक सफर पर हैं, हमें और मत परखिए। हम मजबूर हैं, हमें और मत परेशान कीजिए। हम अपने घर से दूर हैं, लेकिन हमें अपने ही देश में मत बाँटिए।मैं बिहार के सभी लोगों से कहना चाहता हूँ—हो सकता है आप हमें अच्छी तरह न जानते हों, लेकिन हम आपके जीवन साथी हैं और आप हमारे। क्योंकि आपमें भी भगवान है और हममें भी।
मैं इस वीडियो को देखने वाले सभी लोगों से कहना चाहता हूँ—आप सभी को मेरी शुभकामनाएँ। जियो और जीने दो। धन्यवाद।
