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Spread the love नई दिल्ली, 17 सितंबर ।...
हाल ही में पल्लवी जोशी की केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड में नियुक्ति के बाद एक रिपोर्ट में उन्हें “फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री की पत्नी” के रूप में पेश किया गया। इसके बाद विवेक रंजन अग्निहोत्री ने अभिनेत्री और निर्माता पल्लवी जोशी के समर्थन में आवाज उठाई। उन्होंने सवाल किया कि जब पल्लवी जोशी की अपनी मजबूत पेशेवर पहचान और लंबा करियर है, तो उसे उतनी प्रमुखता क्यों नहीं दी गई।
भारतीय सिनेमा के बेबाक फिल्ममेकर के रूप में पहचाने जाने वाले विवेक रंजन अग्निहोत्री चुनौतीपूर्ण और अलग तरह के विषयों को पर्दे पर लाने के लिए जाने जाते हैं। फिल्मों से अलग भी वह कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं।
विवेक रंजन अग्निहोत्री ने इस हेडलाइन को “घटिया”, “दुर्भावनापूर्ण” और “महिलाओं के प्रति बेहद भेदभावपूर्ण” पत्रकारिता का उदाहरण बताया। उन्होंने पल्लवी जोशी की अपनी उपलब्धियों और चार दशक लंबे करियर पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पल्लवी जोशी चार बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी अभिनेत्री हैं और उन्होंने महज चार साल की उम्र में अभिनय शुरू किया था। बाद में वह भारत की जानी-मानी टेलीविजन अभिनेत्रियों में शामिल हुईं।
उन्होंने निर्माता और क्रिएटर के तौर पर पल्लवी जोशी के काम का भी जिक्र किया। इसमें ‘आरोहण’ भी शामिल है, जो भारतीय नौसेना में महिलाओं पर केंद्रित एक प्रोजेक्ट था।
विवेक रंजन अग्निहोत्री ने कहा कि पल्लवी जोशी ने अभिनय, टेलीविजन, सिनेमा और प्रोडक्शन के चार दशकों के काम से अपनी पहचान खुद बनाई है। उन्होंने ऐसी सोच पर भी सवाल उठाया, जिसमें एक सफल महिला को मुख्य रूप से उसके पति के रिश्ते से पहचाना जाता है। उनके मुताबिक, पल्लवी जोशी की पेशेवर उपलब्धियों को उनकी अपनी पहचान के साथ सामने रखा जाना चाहिए।
विवेक रंजन अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, “प्रिय @scroll_in, @tajmahalfoxtrot और @sharmasupriya, यह कैसी घटिया, दुर्भावनापूर्ण और महिलाओं के प्रति बेहद भेदभावपूर्ण पत्रकारिता है? पल्लवी जोशी चार बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी अभिनेत्री हैं। उन्होंने चार साल की उम्र से अभिनय शुरू किया था। जब इस खबर को लिखने वाले कई पत्रकार पैदा भी नहीं हुए थे, तब तक वह भारत की जानी-मानी टेलीविजन अभिनेत्रियों में शामिल हो चुकी थीं।
जब पल्लवी ने ‘आरोहण’ का निर्माण किया था, जो भारतीय नौसेना में महिलाओं पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण काम था, तब मुझे प्रोडक्शन की ‘पी’ तक की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आप सभी की रिपोर्टों से कहीं ज्यादा सार्थक काम का निर्माण और सृजन किया है। फिर भी, जब आप एक सफल और खुद की पहचान बनाने वाली महिला के बारे में लिखते हैं, तो आप उनका परिचय मुख्य रूप से ‘फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री की पत्नी’ के रूप में देना चुनते हैं।”
Dear @scroll_in @tajmahalfoxtrot and @sharmasupriya, what kind of third-rate, malicious and deeply misogynistic journalism is this?
— Vivek Ranjan Agnihotri (@vivekagnihotri) September 17, 2026
Pallavi Joshi is a four National Award-winning actor. She started acting at the age of four. She had already become one of India’s most recognised… https://t.co/ttbvfQfMMY
अपनी बात खुलकर रखने के लिए जाने जाने वाले विवेक रंजन अग्निहोत्री ने एक बार फिर पल्लवी जोशी के समर्थन में आवाज उठाई और उनकी उपलब्धियों को उनकी पत्नी की पहचान से अलग देखने की बात कही। उनके बयान में इस बात पर सवाल उठाया गया कि सफल महिलाओं को अक्सर उनकी अपनी उपलब्धियों के बजाय उनके पति के नाम से क्यों पहचाना जाता है।
