छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की नई भोर: हुनर, शोध और स्वावलंबन से गढ़ा जा रहा युवाओं का भविष्य
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नई दिल्ली,। भारत में नेपाल के राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा का कार्यकाल समाप्त हो गया है। इस अवसर पर भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने उनसे विदाई मुलाकात की और उनके योगदान की सराहना की। विदेश सचिव ने कहा कि भारत, नेपाल के साथ अपने ऐतिहासिक और बहुआयामी संबंधों को आगे भी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। विदाई बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। विदेश सचिव ने भारत-नेपाल सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में डॉ. शर्मा की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। डॉ. शर्मा एक वरिष्ठ अर्थशास्त्री और अनुभवी राजनयिक हैं। वे 2009 से 2014 तक अमेरिका में नेपाल के राजदूत रह चुके हैं और 2002 से 2006 तक राष्ट्रीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। भारत में उनका कार्यकाल मार्च 2022 से जुलाई 2024 तक रहा, जिसके बाद 2024 में उन्हें पुनः इस पद पर नियुक्त किया गया। अपने कार्यकाल के दौरान डॉ. शर्मा ने भारत और नेपाल के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने ‘इंडो-नेपाल बिजनेस ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम’ जैसे मंचों के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहित किया। इसके अलावा, उन्होंने दोनों देशों के बीच ‘रोटी-बेटी’ और सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूत करने पर जोर दिया। डॉ. शर्मा के प्रयासों से ‘नेपाल-भारत टेक फोरम 2026’ जैसे महत्वपूर्ण आयोजन संभव हुए। साथ ही, उन्होंने अयोध्या और जनकपुर के बीच धार्मिक संबंधों तथा सीमा पार कनेक्टिविटी परियोजनाओं को बढ़ावा देने में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
