बरगी डैम हादसे के बाद जबलपुर पहुंचे मुख्यमंत्री, कहा—दोषियों को किसी कीमत पर नहीं बख्शेंगे।
जबलपुर 1 मई। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जबलपुर पहुंचकर बरगी बांध नौका हादसे में प्रभावित परिवारों से मिले। इस दौरान माहौल बेहद भावुक रहा—कहीं बच्चे बिलखते नजर आए, तो कहीं मुख्यमंत्री स्वयं भी भावुक हो उठे। उन्होंने बच्चों को गले लगाकर और बेटियों के सिर पर हाथ रखकर उन्हें सांत्वना दी तथा भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस हादसे के दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए साहसिक खेल और नौका पर्यटन हेतु सख्त मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जाएगी।
मुख्यमंत्री सबसे पहले कोतवाली क्षेत्र के दरहाई मार्ग स्थित मृतका नीतू सोनी के घर पहुंचे, जहां परिजनों को सांत्वना दी। परिवार की एक बेटी भावुक होकर रो पड़ी, जिस पर मुख्यमंत्री ने उसके सिर पर हाथ रखकर ढांढस बंधाया। इस दौरान उन्होंने छोटे बच्चों को गले लगाकर उनका दर्द साझा किया। इसके बाद वे रियाज हुसैन के घर भी पहुंचे, जो इस हादसे में बाल-बाल बच गए थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, सेना के गोताखोरों और स्थानीय लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जल जीवन मिशन में कार्यरत टीम ने भी मौके पर पहुंचकर मदद की।
पीड़ित परिवारों से चर्चा के दौरान रियाज हुसैन ने बताया कि वह कई घंटों तक नौका में फंसे रहे और उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वे जीवित बच पाएंगे। मुख्यमंत्री ने साहस दिखाने वाले स्थानीय लोगों को 51-51 हजार रुपये देने की घोषणा की। साथ ही राज्य सरकार द्वारा मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जांच समिति में गृह रक्षक एवं नागरिक सुरक्षा के महानिदेशक, मध्यप्रदेश शासन के सचिव और जबलपुर संभाग के आयुक्त शामिल होंगे। यह समिति हादसे के कारणों, परिस्थितियों और सुरक्षा नियमों के पालन की जांच करेगी।
उन्होंने अंत में कहा कि सभी को मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।