संजय अग्रवाल
बुधवार 29 अप्रैल 2026 को मुंबई के मीरा रोड (नया नगर) में जो घटना घटी है, वह न सिर्फ एक साधारण अपराध है, बल्कि सनातन हिंदू समाज पर एक सुनियोजित जिहादी हमला है। 31 वर्षीय अमेरिकी नागरिक ज़ैब ज़ुबैर अंसारी ने दो हिंदू सिक्योरिटी गार्ड्स – राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन – से उनके धर्म के बारे में पूछा, फिर जबरन **कलमा** पढ़ने को कहा। जब वे हिंदू होने के कारण कलमा नहीं पढ़ सके, तो अंसारी ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। दोनों गार्ड गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस ने 90 मिनट के अंदर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन मामला अब महाराष्ट्र एटीएस को सौंप दिया गया है। जांच में पता चला है कि आरोपी के पास आईएसआईएस से जुड़े प्रोपगैंडा वीडियो और हैंडरिटन नोट्स मिले हैं, जिसमें उसने इस हमले को “आईएसआईएस जॉइन करने का पहला कदम” बताया है।
यह घटना कोई इंसिडेंट नहीं, बल्कि **कलमा टेस्ट** का खतरनाक पैटर्न है, जो कश्मीर से लेकर महाराष्ट्र तक फैल रहा है। **वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन मध्य प्रदेश** इस जघन्य हमले की निंदा करता है और पूरे हिंदू समाज को एकजुट होकर विरोध करने का आह्वान करता है।
यह घटना अकेली नहीं – कलमा परीक्षा का लंबा जिहादी इतिहास
मुंबई मीरा रोड की यह घटना 22 अप्रैल 2025 के **पहलगाम आतंकवादी हमले** की याद दिलाती है, जहां पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने पर्यटकों को हिंदू-मुस्लिम में बांटा। जो कलमा नहीं पढ़ पाए, उन्हें गोली मार दी गई। एक हिंदू ब्राह्मण देवाशीष भट्टाचार्य ने जान बचाने के लिए कलमा पढ़ा, लेकिन उनके साथी हिंदू भाई-बहनों की हत्या कर दी गई। पहलगाम में 26 निर्दोष हिंदू मारे गए। आतंकियों ने स्पष्ट रूप से कहा – “कलमा पढ़ो, वरना मरोगे”।
इससे पहले अप्रैल 2024 में श्रीनगर के हजरतबल दरगाह में एक हिंदू युवक को जबरन कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया गया था। मुजफ्फरनगर, लखनऊ, केरल और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में लव जिहाद के दर्जनों केस सामने आए हैं, जहां हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर जबरन कलमा पढ़वाया जाता है, निकाह करवाया जाता है और धर्मांतरण के बाद धमकी दी जाती है। इंदौर, भोपाल, अशोकनगर में नाबालिग हिंदू लड़कियों पर ग्रूमिंग और ब्लैकमेलिंग के केस लगातार बढ़ रहे हैं।
महाराष्ट्र में टीसीएस नासिक और कॉर्पोरेट ऑफिसों में “कॉर्पोरेट जिहाद” की शिकायतें आ रही हैं, जहां हिंदू लड़कियों को टारगेट किया जा रहा है। यूपी, एमपी और कर्नाटक में हिंदू संगठनों ने बार-बार पुलिस को ज्ञापन दिए हैं। लेकिन हर बार “साम्प्रदायिक सौहार्द” के नाम पर मामलों को दबाया जाता है।
ज़ैब ज़ुबैर अंसारी अमेरिका से लौटा बेरोजगार युवक था, जो ऑनलाइन केमिस्ट्री क्लासेस चलाता था। लेकिन इंटरनेट पर आईएसआईएस प्रोपगैंडा देखकर रेडिकलाइज्ड हो गया। यह दिखाता है कि जिहादी विचारधारा अब विदेश से भी भारत पहुंच रही है।
सनातन के विरुद्ध यह साजिश क्यों?
यह कोई संयोग नहीं। यह **लव जिहाद, लैंड जिहाद, कॉर्पोरेट जिहाद और अब “कलमा जिहाद”** का हिस्सा है। पाकिस्तान, बांग्लादेश और आईएसआईएस जैसी ताकतें भारत में हिंदू समाज को कमजोर करना चाहती हैं। जब हिंदू अपनी पहचान पर अडिग रहता है, तो चाकू, गोली और आतंक का सहारा लिया जाता है।
मध्य प्रदेश जैसे हिंदू बहुल राज्य में हम लगातार देख रहे हैं – माइनर हिंदू लड़कियों का धर्मांतरण, मंदिरों पर हमले, और अब इस तरह के “कलमा टेस्ट”। **वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन मध्य प्रदेश** इस बात पर जोर देता है कि **भारत हिंदू राष्ट्र है** और यहां किसी भी धर्मांतरण या जबरन कलमा पढ़वाने की कोशिश को राष्ट्र-विरोधी अपराध माना जाना चाहिए।
हमारी मांगें – तुरंत एक्शन लो सरकार!
**वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन मध्य प्रदेश** की ओर से हम मांग करते हैं:
1. मीरा रोड मामले की जांच एनआईए को सौंप दी जाए और आरोपी को **UAPA** के तहत सजा दी जाए।
2. पूरे देश में **एंटी-रेडिकलाइजेशन टास्क फोर्स** बनाई जाए, खासकर अमेरिका-यूके से लौटे युवाओं पर नजर रखी जाए।
3. **लव जिहाद और फोर्स्ड कन्वर्जन** पर राष्ट्रीय स्तर का सख्त कानून बने, जिसमें कलमा पढ़वाने की कोशिश को भी अपराध माना जाए।
4. महाराष्ट्र, यूपी, एमपी और कर्नाटक सरकारें हिंदू सुरक्षा के लिए विशेष योजनाएं शुरू करें – गार्डों, महिलाओं और बच्चों के लिए सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग।
5. मीडिया और सेकुलरिस्ट ताकतें इस घटना को “मेंटल इलनेस” बताकर न छिपाएं – यह जिहादी मानसिकता है।
हिंदू समाज अब चुप नहीं रहेगा। अगर सरकारें नहीं सुनीं तो **वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन** पूरे देश में **कलमा जिहाद विरोधी आंदोलन** शुरू करेगा।
(लेखक संजय अग्रवाल वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन के अध्यक्ष हैं। लेख में व्यक्त विचार लेखक के निजी है और इनसे माधव एक्सप्रेस प्रबंधन एवं संपादक की सहमति आवश्यक नहीं है। भारतीय संविधान में प्रदत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के तहत उक्त विचारों को माधव एक्सप्रेस समाचार पत्र एवं पोर्टल में प्रकाशित किया जा रहा है।)
