संभागायुक्त व कलेक्टर ने संत समाज के साथ किया शिप्रा घाट तक मार्ग का विस्तृत निरीक्षण
उज्जैन, 25 अप्रैल। सिंहस्थ 2028 महापर्व की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। शनिवार को संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह एवं रामादल अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रामेश्वरदास महाराज जी के साथ वैष्णव अखाड़ों की पेशवाई के मार्ग का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान खाकचौक से निकास चौराहा, सतीगेट, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए शिप्रा तट के रामघाट तक पहुंचने वाले मार्ग का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
संभागायुक्त सिंह ने निर्देश दिए कि पेशवाई के सुचारू संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग का निर्धारण भी किया जाए, जिससे प्रमुख स्नान के दौरान भीड़ प्रबंधन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
महंत रामेश्वरदास महाराज जी ने बताया कि प्रमुख स्नान के बाद संत-महंत रामघाट से हरसिद्धि की पाल रामानुज कोट मार्ग से अपने शिविरों की ओर प्रस्थान करते हैं। उन्होंने भी वैकल्पिक मार्ग रखने का सुझाव दिया।
उल्लेखनीय है कि सिंहस्थ 2028 के दौरान वैष्णव अखाड़ों के शिविर मंगलनाथ मंदिर क्षेत्र में लगाए जाएंगे। प्रमुख स्नान पर संत-महंत पेशवाई के रूप में रामघाट पहुंचकर शिप्रा नदी में स्नान करते हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की संकल्पना के अनुसार इस बार सिंहस्थ को विश्वस्तरीय रूप देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए अधोसंरचना विकास और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां तेज गति से जारी हैं।