**इंदौर, 21 अप्रैल 2026** — लेंसकार्ट कंपनी की कर्मचारी ड्रेस कोड नीति में हिंदू धार्मिक प्रतीकों (बिंदी, तिलक, कलावा) पर रोक लगाने और हिजाब-को अनुमति देने के कथित भेदभाव को लेकर **वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन मध्य प्रदेश** के अध्यक्ष **श्री संजय अग्रवाल** ने गुरुवार को इंदौर के सभी लेंसकार्ट शोरूम पर प्रदर्शन करने और कंपनी का **पूर्ण बॉयकॉट** करने का ऐलान किया है।
एक आंतरिक दस्तावेज़ में दावा किया गया था कि कंपनी के स्टोर कर्मचारियों को **बिंदी, तिलक और कलावा** पहनने की अनुमति नहीं है, जबकि **हिजाब** दी गई है। इस भेदभाव को लेकर यह मुद्दा तेजी से वायरल हो गया और देशभर में #BoycottLenskart ट्रेंड करने लगा।
**वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन मध्य प्रदेश अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल** ने कहा,
“यह स्पष्ट धार्मिक भेदभाव है। जब हिजाब को अनुमति दी जा सकती है तो हिंदू कर्मचारियों के पारंपरिक प्रतीकों—बिंदी, तिलक और कलावा—पर रोक क्यों लगाई गई? हम इस नीति का पुरजोर विरोध करते हैं। गुरुवार को इंदौर के सभी लेंसकार्ट शोरूम पर प्रदर्शन किया जाएगा और पूरे मध्य प्रदेश में लेंसकार्ट का **बॉयकॉट** किया जाएगा।”
विवाद बढ़ने के बाद लेंसकार्ट के संस्थापक और सीईओ **पीयूष बंसल** ने स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने कहा कि वायरल दस्तावेज़ पुराना था और कंपनी की वर्तमान नीति में किसी भी धार्मिक प्रतीक पर कोई रोक नहीं है। विवाद के बाद कंपनी ने नई स्टाइल गाइड जारी की, जिसमें **बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, हिजाब, पगड़ी** आदि सभी धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रतीकों को स्पष्ट रूप से अनुमति दी गई है। कंपनी ने “भ्रम” के लिए माफी भी मांगी है।
हालांकि **वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन** का कहना है कि शुरुआती नीति में जो भेदभाव नजर आया, उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। संगठन ने मांग की है कि कंपनी न केवल नीति सुधारें बल्कि पुरानी गलती पर खुलकर माफी मांगे और सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसा भेदभाव न हो।
**श्री संजय अग्रवाल** ने आम जनता से अपील की है कि लेंसकार्ट के उत्पादों का बहिष्कार कर इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराएं और हिंदू संस्कृति तथा धार्मिक समानता की रक्षा करें।
