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नीदरलैंड्स , – विदेश की धरती पर भारतीय संस्कृति का सुंदर और जीवंत स्वरूप उस समय देखने को मिला, जब माहेश्वरी नीदरलैंड्स ने पहली बार द हेग स्थित आर्य समाज मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साह के साथ गणगौर महोत्सव का आयोजन किया। करीब 50 माहेश्वरी परिवारों ने राजस्थान की लोक परंपरा, आस्था और पारिवारिक एकता का मनोहारी प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पारंपरिक गणगौर शोभायात्रा रही, जिसमें समाजजनों ने राजस्थानी गीतों और नृत्य करते हुए वातावरण को भक्तिमय और उत्सवमय बना दिया। रंग-बिरंगे परिधानों, लोकधुनों और सामूहिक सहभागिता ने ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया, मानो राजस्थान की संस्कृति नीदरलैंड्स की धरती पर उतर आई हो।
शोभायात्रा के बाद बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें भारतीय संस्कार और परंपरा की झलक दिखाई दी। महिलाओं के पारंपरिक नृत्यों ने कार्यक्रम में उल्लास और रंग भर दिए। इसके साथ ही सभी ने मिलकर पारंपरिक तंबोला खेल का भी आनंद लिया।
माहेश्वरी समाज द्वारा नीदरलैंड्स में पहली बार गणगौर उत्सव इस स्तर पर मनाया गया, जिसे भारत की अग्रणी प्लास्टिक निर्माता कंपनी सुप्रीम इंडस्ट्रीज ने प्रायोजित किया। इस अवसर पर सुप्रीम इंडस्ट्रीज के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक श्री महावीर प्रसाद जी तापड़िया ने कहा कि विदेश में रहकर भी माहेश्वरी समाज द्वारा गणगौर जैसे पारंपरिक उत्सवों का संरक्षण और आयोजन करना अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आयोजन समिति में संजय – निधि चांडक, हरीश- श्रीकांता मुंधड़ा, सुमित – मेघा माहेश्वरी, कोमल – आनंद लाहोटी तथा नितिशा – राम माहेश्वरी की विशेष भूमिका रही। समिति ने सभी स्वयंसेवकों, प्रतिभागियों और उपस्थित परिवारों का धन्यवाद करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से यह पहला गणगौर उत्सव यादगार और सफल बन सका।
माहेश्वरी नीदरलैंड्स का यह प्रयास न केवल परंपराओं के संरक्षण का उदाहरण बना, बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि भारतीय संस्कार और उत्सव सीमाओं के मोहताज नहीं होते।
