लेख: श्री संजय अग्रवाल
अध्यक्ष, वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन मध्य प्रदेश
11 मार्च 2026 को FSSAI ने एडवाइजरी जारी कर सभी स्वतंत्र दूध उत्पादकों (डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों को छोड़कर) और दूध विक्रेताओं के लिए FSSAI पंजीकरण या लाइसेंस अनिवार्य कर दिया है। मध्य प्रदेश में भी यह नियम लागू हो गया है। इंदौर, खरगोन, उज्जैन, देवास समेत मालवा-निमाड़ क्षेत्र के दूध उत्पादक छोटे-बड़े विक्रेता और घरेलू स्तर पर दूध बेचने वाले अब बिना लाइसेंस के कारोबार नहीं कर सकेंगे।
FSSAI का उद्देश्य दूध में मिलावट रोकना है। विशेष अभियान चलेंगे, चिलर्स की जांच होगी और उल्लंघन पर कार्रवाई। लेकिन केवल लाइसेंस से दूध शुद्ध नहीं होगा। असली खतरा पशु चारे में है। मालवा-निमाड़ में raw liquid waste (बीयर फैक्ट्री का अनुपचारित तरल कचरा — भूरा-काला, तेज बदबूदार, 2-3 दिन में कीड़े पड़ने वाला) सस्ते चारे के नाम पर बिक रहा है। यह अवैध है (MPPCB/MoEF नियमों के विरुद्ध), लेकिन जारी है।
आंध्र प्रदेश की त्रासदी: सबक
फरवरी-मार्च 2026 में आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवरम में ethylene glycol (कार कूलेंट) लीक होकर दूध में मिल गया। 20 लोग प्रभावित, 14-16 मौतें (बच्चे-बुजुर्ग सहित), बाकी में किडनी फेलियर। यह दूध सप्लाई चेन में छिपे जहरीले तत्व की मिसाल है।
raw liquid waste (/बीयर वेस्ट) के दुष्प्रभाव
पशुओं पर: एसिडोसिस, दस्त, लीवर-किडनी डैमेज, कमजोरी, मौत तक। कड़वा/बदबूदार दूध
बच्चों/इंसानों पर (दूध से): टॉक्सिन (फिनोल, मेलानॉइडिन) ट्रांसफर → विकास रुकना, हार्मोन असंतुलन, इम्यूनिटी कम, किडनी-लीवर समस्या, लंबे समय में कैंसर रिस्क। आंध्र जैसा बड़ा हादसा हो सकता है।
FSSAI पंजीकरण के साथ जांच जरूरी
लाइसेंस देते समय:
पशु चारा क्या है?— स्रोत जांच अनिवार्य।
– raw liquid waste पर पूर्ण प्रतिबंध।
– नियमित टॉक्सिन टेस्ट।
– उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द + सख्त कार्रवाई।
Animal Husbandry MPPCB और प्रशासन को विशेष ड्राइव चलानी चाहिए।
वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन मध्य प्रदेश आप का आग्रह
मैं, श्री संजय अग्रवाल, FSSAI, MPPCB, Animal Husbandry और सरकार से अपील करता हूं:
“आंध्र की त्रासदी हमें चेतावनी दे रही है। मालवा-निमाड़ में raw liquid waste (बीयर वेस्ट) पशुओं को खिलाया जा रहा है, जिससे दूध जहरीला हो रहा है। FSSAI पंजीकरण के साथ पशु चारे की जांच अनिवार्य करें। raw liquid waste बिक्री पर तुरंत रोक और सख्त कार्रवाई हो। बड़ी दुर्घटना से पहले बचाव करें। पशु स्वास्थ्य, दूध शुद्धता और बच्चों की सेहत हमारी जिम्मेदारी है।”
तत्काल कदम
1. दूध उत्पादक/विक्रेता: foscos.fssai.gov.in पर पंजीकरण लें, चारा स्रोत बताएं।
2. किसान: raw liquid waste बंद करें, सुरक्षित चारा (हरा/प्रोसेस्ड) यूज करें।
3. शिकायत: MPPCB/Animal Husbandry/SDM में ट्रक/वेंडर डिटेल दें।
4. सरकार: जांच टीम, जागरूकता अभियान और सुरक्षित फीड सब्सिडी दें।
निष्कर्ष: FSSAI पंजीकरण अच्छा कदम है, लेकिन समाधान पशु चारे की निगरानी और raw liquid waste पर सख्ती से आएगा। आंध्र दोहराने न दें। मालवा-निमाड़ के बच्चे-किसान-पशु हमारी जिम्मेदारी हैं। प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप करे!
