श्री संजय अग्रवाल
नमस्कार,
मेरी प्यारी बहनों, माताओं, बेटियों और सभी हिंदू महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!
आज का यह दिन सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि सनातन धर्म की उस महान परंपरा का स्मरण है जिसमें नारी को देवी का स्वरूप माना गया है। वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन, मध्य प्रदेश इकाई की ओर से मैं आप सभी को यह संदेश देना चाहता हूँ कि आज की महिला न केवल अपनी व्यक्तिगत उन्नति कर रही है, बल्कि पूरे हिंदू समाज, राष्ट्र और सनातन संस्कृति को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है।
सनातन संस्कृति में नारी की गरिमा
हमारा वेद, पुराण और शास्त्र स्पष्ट कहते हैं – “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:” अर्थात् जहाँ नारियों की पूजा होती है, वहाँ देवता निवास करते हैं। ऋग्वेद में गार्गी और मैत्रेयी जैसी विदुषी महिलाएँ ब्रह्मविद्या की चर्चा करती दिखाई देती हैं। दुर्गा सप्तशती में माँ दुर्गा स्वयं कहती हैं – “मैं ही सबका कल्याण करने वाली हूँ।” रामायण में सीता माता ने पतिव्रत धर्म की मिसाल कायम की, तो महाभारत में द्रौपदी ने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई।
ये उदाहरण बताते हैं कि हिंदू धर्म में महिला कभी कमजोर नहीं रही। वह शक्ति का प्रतीक है – लक्ष्मी, सरस्वती, काली और गायत्री। वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन हमेशा से इस सनातन सिद्धांत को मजबूत करने का कार्य करता रहा है। मध्य प्रदेश में हम भोजशाला जैसी पवित्र स्थलियों पर माँ वाग्देवी की पूजा-अर्चना कर इसी शक्ति को जागृत करने का प्रयास कर रहे हैं।
आज की महिला: चुनौतियाँ और अवसर
आधुनिक युग में आज की महिला बहुआयामी है। वह डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षिका, उद्यमी, किसान, सैनिक और राजनीतिज्ञ – हर क्षेत्र में पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही है। मध्य प्रदेश की बेटियाँ अब आईआईटी, आईआईएम और सेना में भी अपनी मेधा साबित कर रही हैं। लेकिन साथ ही कई चुनौतियाँ भी हैं – सुरक्षा, समान वेतन, कार्य-घर का संतुलन और कभी-कभी पाश्चात्य संस्कृति का दबाव जो परिवार और संस्कारों को कमजोर करने की कोशिश करता है।
यहाँ “Give To Gain” (देने से प्राप्ति) का सिद्धांत काम आता है। अगर हम समाज के रूप में आज की महिला को शिक्षा, सम्मान, सुरक्षा और अवसर देते हैं, तो हम निश्चित रूप से एक मजबूत, समृद्ध और संस्कारवान राष्ट्र प्राप्त करते हैं। जब बेटी पढ़ेगी, तो पूरा परिवार और पूरा समाज आगे बढ़ेगा।
वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन का संकल्प
हमारा संगठन मध्य प्रदेश में हर हिंदू महिला को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम महिलाओं को सनातन संस्कृति के प्रति जागरूक बनाने, योग-ध्यान, वेदपाठ और स्वरक्षा प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि हर हिंदू परिवार में बेटी को गर्व से “देवी” कहा जाए, न कि बोझ समझा जाए।
आज की महिला अगर सनातन मूल्यों को अपनाए – करुणा, त्याग, ज्ञान और धैर्य – तो वह न केवल खुद को, बल्कि पूरे राष्ट्र को ऊँचा उठा सकती है। मध्य प्रदेश की मातृशक्ति ने हमेशा देश की रक्षा की है – चाहे वह रानी दुर्गावती हों या आज की युवा पीढ़ी।
मेरा आह्वान
आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मैं सभी से अपील करता हूँ:
* हर पिता अपनी बेटी को वेद-पुराण की शिक्षा दें।
* हर पति अपनी पत्नी को सम्मान दें।
* हर भाई अपनी बहन की सुरक्षा का संकल्प लें।
* हर बेटी अपने संस्कारों को संजोए रखे और आगे बढ़े।
“देने से प्राप्ति” – महिलाओं को उनका हक दो, तो पूरा हिंदू समाज स्वर्णिम भारत का सपना साकार करेगा।
माँ दुर्गा, माँ लक्ष्मी और माँ सरस्वती की कृपा से हर हिंदू महिला सशक्त, सुरक्षित और सम्मानित बने।
जय माता दी! जय सनातन! जय हिंदू राष्ट्र!
( लेखक
वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन, मध्य प्रदेश के अध्यक्ष हैं)
