भिलाई स्टील प्लांट में हादसे से हड़कंप, स्किड-स्टियर लोडर की चपेट में मजदूर की मौत
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नई दिल्ली,। भारतीय वायुसेना का एक सुखोई एसयू-30एमकेआई लड़ाकू विमान गुरुवार रात असम के कार्बी आंगलोंग जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुखद हादसे में वायुसेना के दो जांबाज अधिकारियों, स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर का निधन हो गया है। वायुसेना ने आधिकारिक तौर पर इस क्षति की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान एक नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था, जब यह हादसा हुआ। इससे पहले विमान रडार से गायब हो गया था। घटनाक्रम के अनुसार, इस दो सीटों वाले लड़ाकू विमान ने असम के जोरहाट से अपनी उड़ान भरी थी। गुरुवार, 5 मार्च की शाम करीब 7 बजकर 42 मिनट पर विमान का रडार और नियंत्रण कक्ष से अंतिम बार संपर्क हुआ था। इसके बाद विमान अचानक लापता हो गया, जिससे वायुसेना में हड़कंप मच गया। रात लगभग 9 बजकर 34 मिनट पर विमान के लापता होने की आधिकारिक सूचना साझा की गई, जिसके तुरंत बाद व्यापक खोज और बचाव अभियान (सर्च ऑपरेशन) शुरू किया गया। कठिन प्रयासों के बाद वायुसेना को विमान का मलबा जोरहाट से लगभग 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग के दुर्गम इलाके में मिला। जांच में सामने आया कि विमान क्रैश हो चुका था और उसमें सवार दोनों पायलटों को जानलेवा चोटें आई थीं, जिसके कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। रूसी कंपनी सुखोई द्वारा निर्मित यह विमान भारतीय वायुसेना के बेड़े का एक अत्यंत शक्तिशाली और आधुनिक विमान माना जाता है। भारतीय वायुसेना ने अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए शहीद पायलटों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। वायुसेना ने कहा कि पूरा सैन्य परिवार इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है। फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह दुर्घटना देश के लिए एक बड़ी रक्षा क्षति है, जिसने पूरे सैन्य समुदाय को शोक में डुबो दिया है।
