Aaj ka Panchang 25 October 2026: पश्चिम दिशा में यात्रा करना पड़ सकता है भारी, पढ़ें 25 अक्टूबर का पंचांग
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नई दिल्ली,। तू डाल-डाल, मैं पात-पात……यह कहावत मोदी सरकार और एफएमसीजी कंपनियों के हालिया समीकरण पर सटीक बैठती है। केंद्र सरकार आम आदमी को राहत दिलाने की कितनी भी कोशिश क्यों न कर ले, लेकिन कंपनियों ने ठान रखा है कि हम ऐसा नहीं होने देने वाले है। अभी 4 माह पहले ही केंद्र सरकार ने रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाले 200 से भी ज्यादा आइटम पर जीएसटी घटाकर आम आदमी को राहत दिलाने की कोशिश की थी, लेकिन एफएमसीजी कंपनियों ने इन सभी प्रोडक्ट के दाम बढ़ाकर राहत को एक झटके में छूमंतर कर सरकार की मंशा पर पानी फेर दिया है। दरअसल एफएमसीजी कंपनियों ने तेल, साबुन, टूथपेस्ट सहित तमाम दैनिक उपयोग वाली चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी की है। इन एफएमसीजी कंपनियों का कहना है कि लागत में बढ़ोतरी की वजह से इन वस्तुओं के दाम बढ़ाना जरूरी हो गया है। डॉलर के मुकाबले रुपये में आ रही गिरावट से कच्चे माल का आयात महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ रहा है। इसके बाद इन प्रोडक्ट की कीमतों में बढ़ोतरी करना मजबूरी हो गया है। वहीं इस पूरे मामले में डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि डिटर्जेंट, हेयर ऑयल से लेकर चॉकलेट, बिस्कुट, नूडल्स, अनाज सहित तमाम रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों के दाम बढ़े हैं। इस महीने के आखिर तक इन चीजों के बढ़े दाम वाली पैकेट खुदरा दुकानों पर पहुंच जाएगी और ग्राहकों को भी महंगी कीमत पर सारे सामान खरीदना होगा। जीएसटी कटौती के बाद इन सभी की खपत 6 फीसदी बढ़ गई थी, लेकिन अब फिर से बिक्री पर दबाव पड़ सकता है. डाबर इंडिया के सीईओ ने बताया कि चालू वित्तवर्ष की चौथी तिमाही में वस्तुओं के दाम 2 फीसदी तक बढ़ाए हैं, जो अगले साल भी लागू रहेंगी। टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट के प्रबंध निदेशक ने कहा है कि चाय की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। जनवरी से अप्रैल तक बढ़ोतरी की समीक्षा होगी और उसके बाद आगे कीमतें बढ़ाने पर फैसला किया जाएगा। जाहिर है कि इन दोनों कंपनियों के प्रोडक्ट आने वाले दिनों में महंगे हो जाएंगे। सर्फ एक्सेल और रिन जैसे प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान यूनिलिवर ने भी तेल, साबुन, शैंपू, डिटर्जेंट और पर्सनल केयर उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी करने का फैसला कर लिया है। कंपनी का कहना है कि इन सभी उत्पादों को बनाने में वनस्पति तेल का इस्तेमाल होता है, जिसका आयात महंगा हुआ है। लिहाजा उत्पादन लागत बढ़ने की वजह से इसकी कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया है। बाजार में बढ़ी हुई कीमत वाली पैकेट भी जल्द ही पहुंच जाएगी। ब्रेकफास्ट प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी ब्रैगीज ने अपने ओट्स, मूसली सहित अन्य उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी का कहना है कि इन प्रोडक्ट बनाने में इस्तेमाल होने वाली बादाम और ड्राई फ्रूट्स सहित ज्यादातर चीजें आयात की जाती हैं। इस पर कमजोर रुपये का बखूबी असर दिख रहा है और इसकारण है कि हमें भी कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ी है। जल्द ही खुदरा दुकानों पर बढ़ी कीमतों वाले पैकेट पहुंच जाएंगे। कच्चे तेल के दाम बढ़ने और नारियल तेल के दाम दोगुने होने की वजह से इससे जुड़ी खाने-पीने और अन्य उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है।
