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रंग दे बसंती: 20 साल बाद भी जज़्बा ज़िंदा, स्पेशल स्क्रीनिंग में जुटी टीम
राकेश ओमप्रकाश मेहरा द्वारा निर्देशित रंग दे बसंती आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे प्रभावशाली फिल्मों में गिनी जाती है, जिसने न सिर्फ फिल्ममेकिंग की भाषा बदली बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कहानी कहने के अंदाज़ को भी एक नई दिशा दी। आमिर खान, आर. माधवन, सिद्धार्थ सूर्यनारायण, सोहा अली खान, शर्मन जोशी, कुणाल कपूर, अनुपम खेर और अतुल कुलकर्णी जैसे दमदार कलाकारों से सजी यह फिल्म आज भी एक नेशनवाइड फेनोमेनन बनी हुई है, जो अपनी ताकतवर कहानी और बेबाक आवाज़ के ज़रिए लगातार बातचीत छेड़ती है और दर्शकों से गहराई से जुड़ती है।
30 जनवरी को होने वाली स्पेशल स्क्रीनिंग को पूर्व सांसद श्री अजित पवार के असामयिक निधन के कारण आगे बढ़ा दिया गया है। मेकर्स ने सोशल मीडिया पर इस दुखद खबर पर शोक जताते हुए इवेंट को दोबारा शेड्यूल करने की जानकारी दी और राज्य शोक के दौरान अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा—
“श्री अजित पवार जी के असामयिक निधन और उसके बाद राज्य शोक की अवधि को देखते हुए, 30 जनवरी को होने वाली रंग दे बसंती की स्पेशल स्क्रीनिंग को फिलहाल स्थगित किया गया है।
इस दुख की घड़ी में हम देश के साथ खड़े हैं और अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं।
धन्यवाद।”
अब यह विशेष स्क्रीनिंग आज, 6 फरवरी को मुंबई में आयोजित की जा रही है, जिसमें निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा के साथ आमिर खान, कुणाल कपूर, सोहा अली खान, सिद्धार्थ सूर्यनारायण और शर्मन जोशी भी शामिल हो रहे हैं।
एक सच्ची कल्ट क्लासिक के तौर पर, फिल्म की 20वीं सालगिरह का जश्न पूरी टीम के लिए बेहद नॉस्टैल्जिक पल लेकर आया है, जहां दो दशक बाद सभी अपनी इस यादगार रचना को दोबारा जीने के लिए एक साथ आए हैं। रंग दे बसंती आज भी दर्शकों के दिलों में अपनी खास और बेदाग जगह बनाए हुए है, जिसे इसके बेखौफ अंदाज़ और देशभक्ति की भावना को लगातार जगाने की ताकत के लिए याद किया जाता है।
राकेश ओमप्रकाश मेहरा द्वारा निर्देशित रंग दे बसंती कुछ बेफिक्र युवाओं की कहानी है, जिनकी ज़िंदगी तब बदल जाती है जब वे स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री पर काम करते हैं। जैसे-जैसे वे क्रांतिकारियों के किरदारों में खुद को ढालते हैं, उन्हें भ्रष्टाचार और अन्याय की सच्चाई का एहसास होता है, जो उन्हें एक मजबूत और असरदार कदम उठाने के लिए मजबूर कर देता है और यही फैसला उनकी ज़िंदगियों की दिशा हमेशा के लिए बदल देता है।
